600 से अधिक एमएसएमई इकाइयों के खातों में 375 करोड़ की राशि की अंतरित

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की एक दिन पूर्व की गई घोषणा का 24 घंटे में पालन हुआ है। वित्त विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई 375 करोड़ रुपए की राशि आज ही एमएसएमई विभाग ने 600 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयों के खातों में प्रोत्साहन तथा अनुदान राशि अंतरित भी कर दी है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में संपन्न हुए कार्यक्रम में 250 इकाइयों को 169 करोड़ 57 लाख की राशि अंतरित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव ने शेष इकाइयों से वायदा किया था कि उन्हें भी जल्दी ही मदद की जाएगी। एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने विभाग और उद्यमियों की ओर से मुख्यमंत्री की सहृदयता के लिए आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि सर्वाधिक रोजगार सृजन के सशक्त माध्यम एमएसएमई के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा प्रदेश में निवेश एवं उद्यम का जाल बिछाने की संभावनाओं में वृद्धि करने के उद्देश्य से एमएसएमई विकास नीति 2025 लागू की है। नीति में निवेशकों को विभिन्न सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने तय किया है कि निवेशकों को स्वीकृत सुविधाओं का समयावधि में वितरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देश एवं विशेष प्रयासों से वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन इकाइयों की लंबित देयताओं के भुगतान के लिए वित्त विभाग द्वारा समुचित बजट आवंटन विभाग को उपलब्ध कराया गया।

मुख्यमंत्री आज करेंगे राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2026 ‘स्कूल चले हम’ का शुभारंभ:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘हर नन्हा मन जुड़े, शिक्षा की रोशनी से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम 2026 का शुभारंभ बुधवार 1 अप्रैल को सुबह 9 बजे मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, टी.टी. नगर, भोपाल में करेंगे। साथ ही कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल का वितरण भी करेंगे। राज्य शासन द्वारा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने किये विभिन्न सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। इसके अंतर्गत मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप सहायता दी जा रही है। स्कूटी योजना एवं साइकिल वितरण योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मिडिल एवं हाई स्कूल/हायर सेकेंडरी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की पहचान एवं उनके पुन: नामांकन के लिये ट्रैकिंग सिस्टम भी संचालित किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। राज्य शासन ने इस वर्ष हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्तर पर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है। यह कार्यक्रम प्रदेश में शिक्षा के प्रसार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता एवं विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोडऩे की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।