मध्यप्रदेश- उत्तर प्रदेश मिलकर लिखेंगे सुशासन और आध्यात्मिक पर्यटन की नई इबारत: मुख्यमंत्री

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की सरकारें विरासत के साथ विकास के मंत्र को आत्मसात करते हुए सुशासन और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में साझा संस्कृति विकसित कर रही हैं। यह न केवल दोनों राज्यों के संबंधों को प्रगाढ़ करेगा, बल्कि जन-कल्याण के नए मार्ग भी प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात वाराणसी में विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के भ्रमण के दौरान कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने वाराणसी भ्रमण की शुरूआत देवादिदेव महादेव काशी विश्वनाथ जी के दर्शन और पूजन के साथ किया। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधि-विधान से पूजन कर मध्यप्रदेश की जनता की खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पावन गंगा घाट पहुँचकर पतित पावनी माँ गंगा के दर्शन किए। उन्होंने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ माँ गंगा का पूजन किया और गंगाजल से आचमन किया।

काशी-महाकाल के बीच व्यवस्थाओं का साझा संगम:
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को वाराणसी भ्रमण के दौरान विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ और बाबा महाकाल के धामों के बीच व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य दर्शनार्थियों को सुगम और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर परिसर में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।

मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश साझा विरासत के साथ बढ़ रहे हैं आगे:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि काशी विश्वनाथ धाम दुनिया के सात पवित्र स्थानों में शामिल है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कर्मक्षेत्र भी है। उनके नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत सशक्त राष्ट्र बनकर उभरा है, जो स्थिरता, संभावनाओं और भरोसे का प्रतीक है। उनके नेतृत्व में हम विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं। वाराणसी की तरह उज्जैन भी धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से विशेष महत्व रखता है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दोनों ही शहरों में धार्मिक पर्यटन की बड़ी संभावनाओं को देखते हुए विकास कार्यों की शुरुआत की गई है। दोनों राज्यों के बीच भौगोलिक रिश्ते होने के साथ सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इस क्रम में आज आयोजित एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन भविष्य की संभावनाओं को आधार प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को बनारस में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, पारम्परिक शिल्प, ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों, कृषि एवं खाद्य उत्पादों, निवेश अवसरों और पर्यटन संभावनाओं को एक साझा मंच देने के उद्देश्य से आयोजित सहयोग सम्मेलन का वाराणसी के होटल रामाडा में दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया।