भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के अंतर्गत किसानों के हित में किए जा रहे अनुबंध राज्य के लिए अमूल्य उपहार हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना में 4 हजार मेगावॉट की विशाल क्षमता वाली इकाईयां स्थापित की जाएंगी। जिसका सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के किसानों को मिलेगा। इससे लगभग 8 लाख पम्प सीधे सूर्य की शक्ति अर्थात् सौर ऊर्जा से संचालित होंगे। आज से सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के अनुबंधों के वितरण की प्रक्रिया आरंभ हो रही है। आज का दिन प्रदेश की कृषि और ऊर्जा नीति के समन्वय का ऐतिहासिक पड़ाव सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से वर्ष 2026 को प्रदेश में कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का संकल्प लिया गया है। किसान भाईयों को सुखी-समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के इस महासंकल्प में सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना का महत्वपूर्ण योगदान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, उनके जन्म दिवस 25 मार्च को मुख्यमंत्री निवास आयोजित में सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के अंतर्गत विद्युत क्रय अनुबंध वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव तथा नीरज मंडलोई उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योजना के अंतर्गत रतलाम की सुसंस्कृतिआर्या, खरगोन के बृजमोहन शर्मा, उज्जैन के नागेन्द्र सिंह चौहान, मंदसौर के निशांत सोनी, राजगढ़ की सुसीमा सहित अन्य जिलों के किसानों को अनुबंध पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौरव का विषय है कि मध्यप्रदेश ने अब तक 12 हजार मेगावॉट से अधिक नवकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित कर ली है।




