दुश्मन नहीं, सिर्फ दोस्तों के लिए खुलेगा होर्मुज

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तेहरान: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर नई सियासी और सैन्य हलचल तेज हो गई है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस अहम समुद्री रास्ते को पूरी तरह बंद नहीं करेगा, लेकिन दुश्मन देशों के लिए इसे सीमित कर सकता है। हालांकि ट्रंप ने इस होर्मुज के रास्ते को खोलने के लिए चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बावजूद ईरान ने अपने दुश्मन देशों के लिए होर्मुज का रास्ता खोलने से इनकार कर दिया। ईरान के प्रतिनिधि अली मौसवी ने कहा है कि विदेशी जहाज होर्मुज से गुजर सकते हैं, लेकिन उन्हें ईरान के साथ समन्वय करना होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह रास्ता सिर्फ उन देशों के लिए खुला रहेगा जो ईरान के विरोधी नहीं हैं। उनका कहना है कि मौजूदा तनाव की जड़ अमेरिका और इस्त्राइल की सैन्य कार्रवाई है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में हालात बिगड़े हैं।

ईरान से सीजफायर वार्ता करना चाहते हैं राष्ट्रपति ट्रम्प:
डोनाल्ड ट्रम्प की टीम ईरान के साथ सीजफायर पर बात करना चाहते हैं। इस काम में ट्रम्प के सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी लगे हुए हैं। यह जानकारी एक्सियोस न्यूज ने दी है। हालांकि ईरान ने बातचीत के लिए शर्त रखी है कि पहले जंग रोकी जाए और उसे हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए। ईरान का यह भी कहना है कि भविष्य में उस पर फिर से हमला नहीं होगा, इसकी पक्की गारंटी मिले। दूसरी तरफ, ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि वे अभी ईरान की सभी शर्तें मानने के लिए तैयार नहीं हैं, खासकर मुआवजे की मांग को। अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत फिलहाल नहीं हो रही है।

…क्या है ईरान की नई रणनीति ?
ईरान ने अपने बयान में दोहरा संदेश दिया है। एक तरफ वह कह रहा है कि समुद्री रास्ता पूरी तरह बंद नहीं होगा, ताकि वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो। दूसरी तरफ उसने साफ कर दिया है कि दुश्मन देशों के जहाजों को रोकने का अधिकार वह अपने पास रखता है। इससे संकेत मिलता है कि ईरान होर्मुज को एक रणनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।