नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के साथ शुरू हुआ युद्ध वैश्विक संकट की तरफ बढ़ रहा है। दुनिया के ज्यादातर देश ऊर्जा संकट में फंसने की कगार पर हैं। करोड़ों नागरिकों को जान का खतरा बना हुआ है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका देश अब इस युद्ध को धीरे-धीरे समाप्त करने पर विचार कर रहा है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब उन्होंने नाटो के बाकी सदस्य देशों को कायर कहकर तंज कसा है, वहीं ईरान का युद्ध भी लगातार तेजी पकड़ता जा रहा है। शनिवार को ईरानी मीडिया ने बताया कि उसके नतांज परमाणु केंद्र पर हमला हुआ है। वहीं अमेरिकी मीडिया के मुताबिक ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी और ब्रिटिश बेस डिएगो गार्सिया को निशाना बनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल मीडिया पर दावा किया कि अमेरिका, ईरान में अपने लक्ष्यों के करीब पहुंच चुका है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि इसकी सुरक्षा अब ऐसे देशों को करनी चाहिए, जो यहां से तेल मंगाते हैं। क्योंकि अब यह उनकी जिम्मेदारी है। ट्रंप ने कहा, ‘हम अपने ईरान में अपने उद्देश्यों को हासिल करने के बहुत करीब हैं। अब हम मध्य-पूर्व में अपनी कार्रवाई को खत्म करने पर विचार कर रहे हैं।’ इसके साथ ही ट्रंप ने मुख्य रूप से अपने 5 उद्देश्य भी बताए। इनमें ईरान की मिसाइल क्षमता, वायुसेना क्षमता को समाप्त करना और तेहरान को परमाणु क्षमता तक न पहुंचने देना और खाड़ी क्षेत्र में अपने सहयोगी देशों की रक्षा करना शामिल है।
होर्मुज की जिम्मेदारी उनकी, जो इस्तेमाल करेंगे: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर चल रही बहस से अमेरिका को बाहर रखने की कोशिश की। उन्होंने कहा, होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी उन तमाम देशों की है, जो इसका उपयोग करते हैं। यह संयुक्त राज्य अमेरिका की जिम्मेदारी नहीं है। यदि यह देश अमेरिका से अनुरोध करेंगे, तो शायह हम इनकी मदद करने के लिए आएंगे, लेकिन तब तक हम ईरान का खतरा खत्म कर चुके होंगे, तो इसकी आवश्यकता नहीं होगी। ईरान का खतरा खत्म होने के बाद होर्मुज को सुरक्षित करना इन देशों के लिए एक आसान सैन्य अभियान होगा।




