नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान उत्पन्न हुआ है। इसी बीच, तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में तत्काल प्रभाव से 2.35 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी। बीपीसीएल के स्पीड, एचपीसीएल के पावर और आईओसीएल के XP95 की कीमतें 2.09 रुपये से 2.35 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई हैं। हालांकि, फिलहाल रेगुलर पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कीमतों में यह तेजी ऐसे समय में हुई है जब भारत को अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे मध्य पूर्व संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति में व्यवधान का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी कर दी गई है, जो एक महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति मार्ग है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ इंडस्ट्रियल डीजल के दाम भी बढ़ा दिए हैं। इंडस्ट्रियल डीजल अब 22.03 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। 87.57 रुपये से बढ़कर 109.59 रुपये लीटर महंगा हो गया है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत 87.67 से बढ़ाकर 109.59 प्रति लीटर कर दी है। इंडस्ट्रियल डीजल में 22 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी उद्योग, ट्रांसपोर्ट और बिजली उत्पादन लागत को प्रभावित करेगी, और इससे महंगाई बढ़ेगी जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। इंडस्ट्रियल डीजल का इस्तेमाल आम गाड़ियों में नहीं, बल्कि फैक्ट्री व कारखानों में औद्योगिक कामों के लिए किया जाता है, इसे इंडस्ट्रियल या बल्क डीजल के रूप में बेचा जाता है। इस डीजल पर कोई सब्सिडी नहीं होती है। फैक्ट्रीज, शॉपिंग मॉल, डेटा सेंटर और वे बड़ी बिल्डिंग्स जो बिजली जाने पर बड़े जेनरेटर पर चलते हैं, वहां इंडस्ट्रियल डीजल का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा, JCB, बुलडोज़ और इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल होने वाली हैवी मशीनों में भी इंडस्ट्रियल डीजल का इस्तेमाल होता है।
पड़ेगा जन जीवन पर असर:
वैसे इंडस्ट्रियल डीजल का इस्तेमाल आम गाड़ियों में नहीं होता है लेकिन इसके दामों में बढ़ोतरी का असर आम जन जीवन पर जरूर देखने को मिलेगा। क्योंकि, इससे कंपनियों की लागत बढ़ेगी और इसका बोझ ग्राहकों पर डाला जा सकता है। बता दें कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में भी 2.09 प्रति लीटर का इजाफा किया है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग शहरों में लागू की गई हैं और संशोधित दरें 20 मार्च, 2026 से प्रभावी हो गई हैं।




