इंदौर (मध्य स्वर्णिम): इंदौर की ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में बुधवार तड़के एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। घर के बाहर चार्जिंग पर लगी एक इलेक्ट्रिक कार में हुए शॉर्ट सर्किट ने पूरे मकान को आग के गोले में तब्दील कर दिया। इस भयानक अग्निकांड में एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक डेढ़ साल का बच्चा और महिलाएं भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 4 बजे जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, तभी बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार के चार्जिंग पॉइंट में चिंगारी उठी। कार में आग लगते ही घर में रखे प्लास्टिक के सामान और केमिकल ने उसे पकड़ लिया। देखते ही देखते आग इतनी विकराल हो गई कि घर में रखे 4 गैस सिलेंडर एक के बाद एक धमाके के साथ फट गए। धमाका इतना तेज था कि मकान का एक हिस्सा ढह गया। इस हादसे में सबसे बड़ी रुकावट घर के डिजिटल लॉक बने। आग के कारण जैसे ही बिजली कटी, घर के आधुनिक दरवाजे जाम हो गए। अंदर फंसे लोग बाहर निकलने के लिए छटपटाते रहे, लेकिन दरवाजे नहीं खुले। पड़ोसियों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कोई पास नहीं जा सका। बाद में बचाव दल ने दरवाजे तोड़कर लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
इंदौर में हुई दुर्घटना की जांच के दिए गए हैं निर्देश : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग से हुई दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को व्यवस्थित जांच के निर्देश दिए गए हैं। भोपाल से अधिकारियों और विशेषज्ञों को भी इंदौर रवाना किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिजिटल लॉक और इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग से हुई दुर्घटना से बदलती तकनीक और उसके उपयोग के परिणामस्वरूप नई प्रकार की चुनौती सामने आयी है। ऐसी घटनाओं को रोकने और जागरूकता की दिशा में राज्य सरकार कार्य करेगी। हमारी कोशिश होगी कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिजिटल लॉक जैसी सुविधाओं का उपयोग हमारी आवश्यकता है, लेकिन ऐसी सुविधाओं से मानव जीवन भी कष्ट में आता है।




