नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की सप्लाई को लेकर सरकार ने बड़ी राहत भरी जानकारी दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में कच्चे तेल की उपलब्धता फिलहाल पूरी तरह सामान्य और आरामदायक स्थिति में है और किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म होने की कोई खबर नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत हर दिन लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल का इस्तेमाल करता है और देश दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है। इसी वजह से पेट्रोल और डीजल जैसे उत्पादों की उपलब्धता को लेकर सरकार को भरोसा है कि आम लोगों को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। देशभर में करीब एक लाख पेट्रोल पंप काम कर रहे हैं और इनमें से अधिकांश सरकारी तेल कंपनियों के हैं। मंत्रालय के मुताबिक किसी भी पंप पर ड्राई आउट यानी तेल खत्म होने की स्थिति नहीं आई है। एलपीजी को लेकर भी सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं। 9 मार्च को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आदेश जारी कर सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद घरेलू उत्पादन बढ़कर 28 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो पहले करीब 25 प्रतिशत था। सरकार का कहना है कि इससे घरेलू गैस की उपलब्धता और बेहतर होगी। सुजाता शर्मा ने यह भी बताया कि भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है और इसमें से करीब 90 प्रतिशत सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य से आती है।
देश में रोजाना करीब 50 लाख एलपीजी सिलिंडर की डिलीवरी:
उन्होंने कहा कि देश में रोजाना करीब 50 लाख एलपीजी सिलिंडर की डिलीवरी की जाती है। हालांकि हाल के दिनों में घबराहट के कारण सिलेंडर बुकिंग में अचानक काफी बढ़ोतरी देखी गई है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि घबराकर अतिरिक्त बुकिंग न करें, क्योंकि फिलहाल सप्लाई में कोई कमी नहीं है।
राज्य सरकारों को दिए गए अहम निर्देश:
सरकार ने राज्य सरकारों से भी कहा है कि जरूरतमंद उपभोक्ताओं की सूची तैयार करें ताकि घरेलू और कमर्शियल सिलिंडर की डिलीवरी प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जा सके। कुल मिलाकर सरकार का कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात के बावजूद देश में पेट्रोल- डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है।
एलपीजी संकट: शांति बनाए रखें और पैनिक न करें: मोदी
देश में एलपीजी सप्लाई को लेकर फैली अफवाहों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से शांति बनाए रखने और पैनिक न करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, लेकिन हमारी सरकार संकट से निपटने में सक्षम है। पीएम मोदी ने तमिलनाडु में एनडीए की मीटिंग के दौरान सभी से सही जानकारी साझा करने और बिना पुष्टि के अफवाहें न फैलाने का आग्रह किया। वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एलपीजी सप्लाई पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम बनाए हैं। मंत्रालय का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पहले की तरह जारी है और पैनिक खरीद से स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों में जिला प्रशासन लोगों को अफवाहों से बचने की सलाह दे रहा है। केंद्र सरकार ने पहले ही एस्मा लागू किया है, इसके तहत घरेलू गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाती है और बीते छह महीनों के औसत के अनुसार सप्लाई बनाए रखने का निर्देश है।




