भारत एआई के क्षेत्र में लहरा रहा है अपना परचम

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सागर (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत में मातृ सत्ता प्रधान संस्कृति है। भारत की छवि विश्व गुरू की रही है। दुनिया में केवल भारतीय संस्कृति है, जिसने अपने मूल्यों के आधार पर ज्ञान की धारा को तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालयों के माध्यम से विश्व के कोने-कोने में पहुंचाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का समय बदला है। अब हमारा देश आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व कर रहा है। भारत अपने कौशल के बल पर आधुनिक तकनीक में विश्व में नंबर वन बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महान शिक्षाविद् डॉ. हरि सिंह गौर ने अपनी जमा पूंजी लगाकर बुंदेलखंड के सागर में शिक्षा का नया सूर्योदय किया। गौर के प्रयासों से बुंदेलखंड को केंद्रीय विश्वविद्यालय की सौगात मिली है। यहां विभिन्न कोर्स की पढ़ाई कर निकले विद्यार्थियों ने देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहतगढ़ और जेसीनगर में श्रमिकों के बच्चों के लिए लाइब्रेरी बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस क्रम में सागर में मां सरस्वती की कृपा से शिक्षा का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के रूप में शिक्षा के आधुनिक मंदिर बुंदेलखंड के युवाओं के सामथ्र्य और संकल्पों को नई ऊंचाई देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानवीर के केवल विश्वविद्यालय का नाम नहीं बल्कि एक बेटे का अपने माता-पिता के चरणों में श्रृद्धा सुमन है। मंत्री राजपूत ने इस संस्थान को अपनी पूज्य माता ज्ञानबाई जी के नाम से ज्ञान और अपने श्रद्धेय पिता वीर सिंह के नाम से वीर शब्द लेकर उन्हें समर्पित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह विश्वविद्यालय बुंदेलखंड के युवाओं के लिए सपनों के नए द्वार खोलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय के साथ चलने के लिए युवाओं से कौशल और तकनीक में पारंगत होने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने बुंदेलखंड के चहुंमुखी विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। वर्ष 2003 के बाद हुए कार्यों से बुंदेलखंड क्षेत्र का कायाकल्प हो गया है।

सुगम संपर्कता परियोजना प्रारंभ:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने नई पहल शुरू की है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सुगम संपर्कता परियोजना की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से गांव, ग्राम पंचायत और 100 से अधिक आबादी वाले मजरा-टोला तथा मुख्यमंत्री मजरा- टोला योजना अंतर्गत चिन्हित बस्तियों को भी सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा।परियोजना अंतर्गत सड़कों का निर्माण मनरेगा यानी (VB-G RAM G) योजना के माध्यम से कराया जाएगा। इसके लिए प्रदेश की प्रत्येक जनपद पंचायत को रू. 3 करोड़ तक की स्वीकृति प्रदान करने का अधिकार दिया गया है। मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा सभी जनपद पंचायतों को राशि भी आवंटित कर दी गई है।