विजयपुर विधानसभा में सियासी तख्तापलट

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ग्वालियर (मध्य स्वर्णिम): मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका पर बड़ा फैसला सुनाया है। विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया गया है। पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने याचिका दायर की थी। इस याचिका में मुकेश मल्होत्रा पर चुनावी हलफनामे में आपराधिक रिकार्ड की जानकारी छुपाने का आरोप लगाया गया था। इसमें कहा गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने उपचुनाव के दौरान जो नामांकन दाखिल किया था, उसमें अपने आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई गई। मल्होत्रा पर 6 आपराधिक मामले दर्ज थे जबकि उन्होंने नामांकन में केवल 2 मामले ही बताए। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी और तथ्यों को छिपाने को सही माना। हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने आदेश देते हुए मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया। भाजपा के प्रत्याशी रहे रामनिवास रावत को दूसरे नंबर पर रहने पर विजयपुर से विधायक घोषित किया गया है। हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट एमपीएस रघुवंशी ने बताया है कि रामनिवास रावत ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि मुकेश मल्होत्रा ने 2024 के उपचुनाव नॉमिनेशन में अपने खिलाफ दर्ज क्रिमिनल केस की पूरी जानकारी नहीं दी थी। मुकेश ने सिर्फ दो क्रिमिनल रिकॉर्ड बताए थे, जबकि 4 केस छिपाए थे। याचिका में रावत ने मल्होत्रा के खिलाफ दर्ज सभी 6 क्रिमिनल केस की जानकारी दी थी। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि रामनिवास रावत उपचुनाव में दूसरे नंबर पर आए थे, इसलिए मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द किया जाता है। साथ ही रावत को विजयपुर का एमएलए घोषित किया जाता है। जानकारी के मुताबिक, कोर्ट ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में प्रत्याशी द्वारा आपराधिक पृष्ठभूमि की पूरी जानकारी देना बहुत जरूरी है।