भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मध्य प्रदेश में भी मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल की सुगबुगाट शुरू हो गई है। साथ ही अटकलें हैं कि मोहन कैबिनेट का भी केंद्रीय नेतृत्व सर्जरी कर सकती है। अगर ऐसा हुआ तो कुछ सीनियर मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। दरअसल, सरकार और कुछ सीनियर मंत्रियों के बीच अनबन की खबरें आते रहती हैं। बीते दिनों दिल्ली जाकर सोएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की थी। इसके बाद सीएम मोहन यादव ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। सीएम के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने मोहन कैबिनेट के सीनियर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद सिंह पटेल से भी मिले। अटकलें हैं कि एमपी में सरकार और बीजेपी के अंदर जो कुछ भी चल रहा है। शाह ने उन मुद्दों पर तीनों नेताओं के साथ विस्तार से बात की है। शायद यही वजह रही है कि वह सभी से अलग अलग समय पर अकेले में मिले हैं। चर्चाएं है कि सीनियर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद सिंह पटेल मोहन कैबिनेट में खुद को असहज महसूस करते हैं। ऐसे कई घटनाक्रम भी हुए हैं, जिससे यह साफ हो रहा है कि सब कुछ ठीक नहीं है। दरअसल, एमपी के बड़वानी जिले में कृषि कैबिनेट हुई थी। कैबिनेट में किसानों को लेकर कई फैसले लिए गए। इस अहम बैठक से सरकार के दोनों वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद सिंह पटेल गायब रहे। हालांकि इस दौरान दोनों की उपस्थिति अपने-अपने घरों पर देखी गई। मगर दोनों की वजह से कोई सफाई नहीं आई कि कैबिनेट मीटिंग में क्यों नहीं गए। इन तमाम घटनाक्रमों के बीच यह चर्चा चल रही है कि दोनों सीनियर मंत्री शायद कैबिनेट से बाहर हो सकते हैं। दीनों को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। अभी कई राज्यों में चुनाव भी होने हैं। कैलाश विजयवर्गीय की अच्छी पकड़ भी संगठन है। इसके साथ ही प्रहलाद सिंह पटेल ने भी केंद्र की ही राजनीति की है। उन्हें भी फिर से संगठन में मौका मिल सकता है। हालांकि यह चर्चा लंबे समय से चल रही है कि एमपी में मोहन कैबिनेट में फेर बदल हो सकता है।




