पटना (मध्य स्वर्णिम): भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नेहरू-गांधी परिवार पर हमला बोला है। उन्होंने इसे ‘समझौता मिशन’ की राजनीति बताते हुए आरोप लगाया कि परिवार के हितों को देशहित से ऊपर रखा गया। नवीन ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1954 में बिना किसी प्रतिफल के तिब्बत में भारत के अधिकार चीन को सौंप दिए। उन्होंने कहा कि नेहरू ने कभी 45 करोड़ भारतीयों को अपनी ‘जिम्मेदारी’ बताया था, लेकिन उनके फैसलों ने राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाया। भाजपा अध्यक्ष ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय रक्षा सौदों का इस्तेमाल निजी हितों के लिए किया गया। उन्होंने दावा किया कि रक्षा सेवाओं के माध्यम से निजी बैंक खातों को भरने का काम हुआ। नवीन ने आरोप लगाया कि 2004 से 2014 के बीच राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के जरिये सोनिया गांधी ने ‘सुपर प्रधानमंत्री’ की तरह काम किया और समानांतर सरकार चलाई। उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान राजीव गांधी फाउंडेशन को चीनी सरकार और जॉर्ज सोरोस के नेटवर्क से फंडिंग मिली। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि देश का युवा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहता है। यदि उसे गुमराह करने की कोशिश की जाती है तो यह समाज के लिए चिंता का विषय है।
गांधी परिवार ने किया देश के साथ समझौता:
इधर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी लगातार देशहित से समझौता करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कभी सोरोस तो कभी पाकिस्तान जैसे मुद्दों पर अपने ही देश के खिलाफ रुख अपनाते नजर आते हैं। केंद्रीय मंत्री गोयल ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का काम किया है और वह विदेशी ताकतों के प्रभाव में काम करते दिखाई देते हैं।गोयल ने राहुल गांधी को ‘नकारात्मक राजनीति के पोस्टर ब्वॉय’ बताते हुए कहा कि वह 247 बार विदेश यात्राएं कर चुके हैं और कई बार प्रोटोकॉल की अनदेखी की है।




