नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने गुरुवार को इंडिया एआई समिट में कहा कि ये समिट भारत के एआई इतिहास में एक अहम और निर्णायक पल है। उनके मुताबिक, यह समिट देश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नई दिशा और तेज रफ्तार देने वाला है। इससे भारत दुनिया में एआई के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है। 21वीं सदी में भारत दुनिया की सबसे बड़ी एआई शक्तियों में से एक बनकर उभरेगा। इसके बाद उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एआई पावर्ड अंबानी ने एआई को हर यंत्र को शक्ति देने वाला मंत्र बताया, जो कामकाज की क्षमता और दक्षता को कई गुना बढ़ा सकता है। उन्होंने एआई की तुलना अक्षयपात्र कर कहा कि यह ऐसी शक्ति है जो असीमित दक्षता और संभावनाएं प्रदान कर सकती है। मुकेश अंबानी ने कहा कि क्या हमें अलग-थलग राष्टों की तरह काम करना चाहिए या एकजुट वैश्विक परिवार की तरह? अगर एआई सिर्फ भारत का विजन सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी एक मॉडल बनेगा। उनका मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल एक और नई तकनीक नहीं है, बल्कि इंसान अब इंसानों जैसी सोचने और समझने वाली प्रणालियां बना रहा है। रिलायंस के चैयरमैन ग्लोबल नॉर्थ के देशों तक सीमित रहा, तब यह असमानता और बढ़ेगी। लेकिन एक ऐसा भविष्य भी संभव है जहां एआई सभी के लिए उपलब्ध हो।




