नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। इस मामले में याचिकाएं सीपीआईएम, सीपीआई नेता एनी राजा और असमिया स्कॉलर हिरेन गोहेन ने दायर की थीं। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल पंचोली की बेंच ने याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट का रुख करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसके पास मामले की सीधे सुनवाई करने का अधिकार है, लेकिन वह शॉर्टकट अपनाने के पक्ष में नहीं है। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, हमारे पास पहले से लंबित मामले हैं, जिन्हें निपटाना है। पूरा प्रयास हाईकोर्ट का मनोबल गिराने का है। हाईकोर्ट को कमजोर करने की एक सुनियोजित कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा, आप अभी तक हाईकोर्ट नहीं गए हैं। हमें भरोसा है कि हाईकोर्ट इस पर गौर कर सकता है और फैसला कर सकता है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई पहले हाईकोर्ट को करनी चाहिए। हाईकोर्ट इस केस से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। कोर्ट ने आदेश दिया, इन सभी मुद्दों पर अधिकार क्षेत्र वाले हाईकोर्ट की ओर से प्रभावी ढंग से फैसला सुनाया जा सकता है।




