नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): संसद के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला । पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक (मेमोयर) को लेकर जारी विवाद के चलते विपक्षी दलों ने सदन की कार्यवाही बाधित कर दी । हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका और लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी । सुबह जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी । विपक्ष नरवणे की किताब से जुडे मुद्दे पर सरकार से जवाब की मांग कर रहा था । हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल की कार्यवाही आगे बढ़ाने की कोशिश की और बार-बार विपक्षी सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और सदन को चलने देने की अपील की । हालांकि, उनकी अपील का विपक्ष पर कोई असर नहीं पड़ा और शोर-शराबा लगातार जारी रहा ।
मैं इजाजत शब्द पर आपत्ति जाहिर कर रहा हूं: राहुल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लद्दाख सीमा विवाद का मुद्दा उठाया, जबकि लोकसभा स्पीकर की ओर से बार-बार सिर्फ प्रामाणिक सोर्स पेश करने की बात कही गई। इस मामले में लोकसभा में गरमागरम बहस हुई, क्योंकि विपक्षी सांसदों ने भारत-चीन मुद्दे पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाकर केंद्र पर हमला जारी रखा। संसद में राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब से जुड़े आर्टिकल का हवाला देकर लद्दाख गतिरोध का मुद्दा उठा रहे थे। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने संसदीय नियमों का हवाला देकर यह फैसला सुनाया कि कोई भी न्यूज आर्टिकल या मैगजीन का हवाला नहीं दे सकता, इसके बावजूद विपक्ष के नेता इस मुद्दे को उठाने पर अड़े रहे।




