
विशेष साक्षात्कार (मध्य स्वर्णिम): ऋषिकांत सिंह (रजत) परिहार (मो.9425002527)
मध्यप्रदेश में पिछले सालों में लक्ष्य निर्धारित कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में और केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों का पालन करते हुए लाल सला म का प्रदेश से सफाया कर दिया संगठित टीम की तरह केंद्रीय बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस अभियान को निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया । प्रदेश और केंद्रीय बलों के जांबाज जवान इस उपलब्ध के लिए बधाई के पात्र है। प्रदेश के अभिभावक सीएम डॉ. यादव ने भी नक्सलमुक्त प्रदेश बनाने के अपने प्रण से हमेशा प्रोत्साहित किया इसके लिए उनका भी आभार है। नक्सल के खात्मे के बाद अब अगला लक्ष्य नडमुक मध्यप्रदेश बनाने का है। जिसके लिए आगामी अप्रैल से तीन साल का एक व्यवस्थित अभियान चलाया जाएगा, जिससे युवा वर्ग और समाज को बुराई से बचाया जा सके। नशे से दूरी को बेहतर परिणाम मिला है, और आने वाले समय में नशे के व्यापार की भी कमर तोड दी जायेगी। यह सन्देश मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने इस प्रतिनिनिि से अनौपचारिक मुलाकात में देने की कोशिश की। आप को यह बताते चलें कि डीजीपी कैलाश मकवाणा के स्पष्ट कार्यप्रणाली और पारदर्शिता से बालाघाट के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार दबाव बनाकर पुलिस और केंद्रीय बलों ने नक्लसलियों को घटने पर आने को मजबूर कर दिया। परिणाम यह हुआ कि लगातार आत्मसमर्पण कर नक्सली मुख्याधारा में शामिल होते गए। जिन्होंने सरेंडर करना नहीं स्वीकार किया पुलिस ने उनका खात्मा कर दिया। अब प्रदेश में संगठित नशे के कारोबारियों पर पुलिस एक अभियान चलाने जा रही है। इसके लिए तीन साल की एक बडी कार्ययोजना का खाका खींचा जा रहा है। चूंकि नशे के व्यापार में गिरोहों तकनिकी का सहारा ले रहे है और नए-नए तरीके ईजाद कर रहे है लिहाजा इससे निपटने के लिए भी पुलिस तैयार हो रही है। हाल के दिनों में प्रदेश भर में संयुक्त कार्यवावही देखने को मिली वो इस अभियान का एक डेमो था। जिसमें रतलाम पुलिस ने एक बड़ी कार्यवाई करते हुए नशे के सौदागरों को धर-दबोचा । बातचीत में डीजीपी कैलाश मकवाणा ने स्पष्ट किया कि नशा न केवल सामाजिक बुराई है बल्कि इससे परिवार भी टूट रहे हैं। युवा वर्ग खासतौर पर, नशे के सौदागरों के जाल में नहीं फंसे ये हमारा लक्ष्य है।
सिंहस्थ का सफल आयोजन प्राथमिकता:
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने बताया कि सिंहस्थ 2028 का सफल आयोजन मध्यप्रदेश पुलिस की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की मंशा अनुरूप उसी दिशा में तैयारी की जा रही है । प्रयागराज कुंभ के बाद गए विशेष दल की अनुशंसा के बाद सिंहस्थ 2028 (उज्जैन) के लिए मध्य प्रदेश पुलिस युद्ध स्तर पर तैयारी कर रही है, जिसमें 60 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती और श्री डी तकनकीक से भीड़ प्रबंधन का प्रशिक्षण शामिल है। हाईटेक निगरानी के लिए ड्रोन विंगस और AI-आधारित सीटीवी का उपयोग किया जाएगा। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अगले 3 वर्षों में 22,500 पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाएगी । सिंहस्थ में 80,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे, जिसमें 20,000 केंद्रीय बल और अन्य राज्यों की पुलिस भी शामिल होगी । उज्जैन में हाईटेक ड्रोन के जरिए 6 घंटे तक लगातार निगरानी की व्यवस्था, 22 किमी / के घाटों की श्री डी मैपिंग और एआई कैमरों का उपयोग करना प्राथमिकता में शामिल है। 160,000 पुलिसकर्मियों को भीड़ नियंत्रण का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि एकीकृत नियंत्रण कक्ष के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग की तैयारी की जा रही है । सिंहस्थ के मद्देनजर अगले तीन वर्षों में 22,500 पदों पर भर्तियां की जा रही हैं । पुलिस की कार्यप्रणाली में गतिशीलता लाने के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड की स्थापना और अधिकारियों के लिए विशेष भर्ती की घोषणा की गई है।




