शांति का टापू बना है एमपी : मंगुभाई पटेल

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आज की खबर (मध्य स्वर्णिम): ऋषिकांत सिंह (रजत) परिहार (मो. 9425002527)
मध्यप्रदेश शांति का टापू था, है और रहेगा। लेकिन बीच में कुछ वजहों से नक्सल समस्याओं से भी पीड़ित रहा है। आम नागरिकों की दुर्दनत हत्याएं की गई और शासकीय संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। विकास कार्यो को अवरुद्ध करने का प्रयास किया गया। लेकिन मैं बधाई देना चाहता हूँ मध्यप्रदेश पुलिस के उन सभी जवानों को, प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को और पुलिस मुखिया कैलाश मकवाना को जिन्होने इस चुनौती को स्वीकार कर सम्पूर्ण परिश्रम कर स्वीकार किया। यहीं वजह है कि आज मध्यप्रदेश नक्सल मुक्त राज्य घोषित हो गया है। मध्यप्रदेश के पहले अभिभावक राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने जब यह अनौपचारिक शब्द कहे तो बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। मौका था 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह का। जिसमें मध्यप्रदेश पुलिस ब्रास बैंड एवं आर्मी ब्रास बैंड द्वारा राष्ट्र भक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत संगीततमय प्रस्तुतियो से संयम, एकरूपता और सैन्य परंपरा की गरिमा को सजीव रूप मे प्रस्तुत किया गया। उल्लेखनीय है कि ‘बीटिंग द रिट्रीट’ सैन्य एवं अर्ध सैनिक बलो की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली के साथ केवल भोपाल में ही इस ऐतिहासिक समारोह का आह्वान किया जाता है। इस अवसर पर महापुर श्रीमती मालती राय, मुख्य सूचना आयुक्त विजय यादव, मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला, महानिरीक्षक पुलिस इरशाद वली, कमांडेट सातवी वाहिनी हितेश चौधरी सहित आर्मी, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राज्यपाल पटेल के आगमन पर पुलिस ब्रास बैंड द्वारा स्वागत धुन प्रस्तुत की गई । इसके पश्चात निरीक्षक सुनील कटारे के नेतृत्व में आयोजित ब्रास बैंड कॉन्सर्ट में वंदे-मातरम् से आरंभ होकर, मेरे देश की धरती, पंख होते तो उड़ आती रे, पल-पल दिल के पास, तेरी झलक अशर्फी, ये देश है वीर जवानों का, अजीब दास्तां है ये, ये शाम मस्तानी, संदेशे आते हैं, हे अपना दिल तो आवारा की प्रस्तुति पुलिस बैंड द्वारा दी गई । सदाबहार और आधुनिक गीतों की लोकप्रिय धुनों के अनूठे संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया । राष्ट्र भक्ति फ्यूजन की अंतिम प्रस्तुति पर तालियों की गूंज से आयोजन स्थल उत्साह से भर उठा ।