सतपुड़ा बिजली घर ‘लक्ष्य’ के सभी मानकों को पूरा करेगा : सुभाष लिल्लोरे

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विशेष साक्षात्कार (मध्य स्वर्णिम): ऋषिकांत सिंह (रजत) परिहार (मो. 9425002527):
मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत आने वाले सतपुड़ा बिजली घर सारणी इस वित्तीय वर्ष में कंपनी के द्वारा दिए गए लक्ष्य के सभी मानकों को पूरा करने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है। जिसके लिए प्लांट के इंजीनियरों की टीम दिन-रात मेहनत कर रही है। 250-250 मेगावाट की क्रिटिकल इकाई से बिजली उत्पादन उनकी क्षमता के अनुरूप लंबे समय से हो रहा है। साथ ही पीएलएफ (प्लांट लोड फैक्टर) और पीएफ (प्लांट अवेलिबिलिटी फैक्टर) के लक्ष्य को भी पूरा करने का प्रयास जारी है। उक्त बात दैनिक मध्य सवर्णिन के इस, प्रतिनिधि से सतपुड़ा बिजली घर सारणी के चीफ इंजीनियर सुभाष कुमार लिलौरे ने एक विशेष साक्षात्कार के दौरान कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बिजली घर सारणी में 660 मेगावाट की नई अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई का कार्य भी मार्च माह में प्रारंभ हो जाएगा। जिसके लिए भेल कंपनी ने अपने अधिकृत वेंडरों के लिए टेंडर निकालना शुरू कर दिया है। साथ ही जनरेटिंग कंपनी ने भेल को साइट मोबिलाइजेशन के करीब 600 करोड़ रुपए भी जारी कर दिए है। श्री लिलौरे ने कहा कि यूनिट के डिस्मेंटल का कार्य भी बाउंड्रीवाल बनने के बाद चिनार कंपनी चालू कर देगी। उन्होंने कहा कि जनरेटिंग कंपनी के एमडी मनजीत सिंह के मार्गदर्शन में नए प्रोजेक्ट को समय सीमा से पहले लाने के लिए टीम वर्क के साथ काम कर दिया है। अंत में चीफ इंजीनियर सुभाष कुमार लिलौरे ने कहा कि भेल के अधिकारियों के साथ बैठक करके नए प्रोजेक्ट से जुड़े हुए कामों पर चर्चा करके आगे की रूप रेखा तैयार की जाएगी।

पुराने अनुभव का मिला लाभ:
बिजली घर सारणी में 660 मेगावाट की नई अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल इकाई से जुड़े संपूर्ण कामों की जिम्मेदारी के लिए एमडी मनजीत सिंह को किसी अनुभवी और योग्य वरिष्ठ इंजीनियर की तलाश थी। जो नए प्रोजेक्ट से जुड़े हुए कामों का अनुभव रखता हो और भेल तथा उससे जुडी हुई कंपनियों से काम लेने में माहिर हो। ऐसे कामों के लिए एमडी मनजीत सिंह ने रिटायर्ड इंजीनियर एसएन सिंह और यूपीएस सिकरवार का चयन करके आदेश जारी कर दिए है। जो आगामी तीन वर्षों तक नए प्रोजेक्ट से जुड़े सभी काम-काज देखेंगे। दरअसल ऊर्जा विभाग और जनरेटिंग कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के पास एसएन सिंह और यूपीएस सिकरवार का रिपोर्ट कार्ड साफ-सुथरी छवि का है। जिसका लाभ उन्हें मिला, इसलिए यह लाइन इन पर सटीक बैठती है- ‘वक्त की शाख पर जब तजुर्बे का फल आता है, उलझनों के भंवर में फिर हर हल आता है। जो गुजऱी थीं कल मुश्किलें राहों में, वही आज राह की रोशनी बन के आता है।’