नई दिल्ली: अब ट्रैफिक नियम तोडऩा पहले से कहीं ज्यादा महंगा पड़ सकता है। सरकार द्वारा मोटर वाहन नियमों में किए गए नए संशोधनों के तहत, अगर किसी ड्राइवर के खिलाफ एक साल में 5 या उससे ज्यादा ट्रैफिक उल्लंघन दर्ज होते हैं, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है। यह नियम 1 जनवरी से लागू हो चुका है और इसमें सिर्फ उसी एक साल के भीतर दर्ज उल्लंघनों को गिना जाएगा। संशोधित नियमों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति मोटर वाहन अधिनियम के तहत एक साल में 5 या उससे ज्यादा नियमों का उल्लंघन करता है, तो वह ड्राइविंग लाइसेंस रखने के लिए अयोग्य माना जा सकता है।लाइसेंस कितने समय के लिए सस्पेंड होगा, इसका फैसला संबंधित प्राधिकरण करेगा। सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद आदतन नियम तोडऩे वालों पर लगाम लगाना और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है।ध्यान देने वाली बात यह है कि छोटे-छोटे उल्लंघनों को मिला कर भी अगर संख्या पांच तक पहुंच गई, तो कार्रवाई हो सकती है।ड्राइविंग लाइसेंस को सस्पेंड करने का अधिकार आरटीओ (रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस) या डीटीओ (डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट ऑफिस) के पास होगा। वही यह तय करेंगे कि लाइसेंस कितने समय के लिए निलंबित रहेगा।पहले आमतौर पर तीन महीने, छह महीने या एक साल के चरणों में लाइसेंस सस्पेंड होता था, वह भी कई बार फिजिकल चालान के बाद। अब सिर्फ ई-चालान के आधार पर भी लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है।




