जिम्मेदारों ने पल्ला झाड़ा, जमीन पर हुआ प्रसव, प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर आए दिन लग रहे हैं प्रश्न चिन्ह

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अशोकनगर (मध्य स्वर्णिम): जिला अस्पताल एक बार फिर अपनी बदहाल व्यवस्थाओं और लापरवाही को लेकर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला मेटरनिटी वार्ड से सामने आया है, जहां नारायणपुर गांव की रहने वाली एक गर्भवती महिला को इलाज की बजाय अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। हालात इतने बिगड़ गए कि महिला को मेटरनिटी वार्ड की गैलरी में ही, जमीन पर प्रसव कराना पड़ा। जानकारी के अनुसार, प्रसूता को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के मेटरनिटी स्टाफ ने महिला को हाईरिस्क केस बताकर भोपाल रेफर करने की बात कही। हैरानी की बात यह रही कि महिला के किसी भी चिकित्सकीय दस्तावेज में रेफर किए जाने का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था। ऐसे में परिजन असमंजस में पड़ गए और महिला को न तो समय पर भर्ती किया गया और न ही प्रसव कक्ष उपलब्ध कराया गया। स्थिति बिगड़ती देख परिवार की महिलाओं ने मेटरनिटी वार्ड की गैलरी में त्रिपाल की आड़ लेकर महिला का प्रसव कराया। अस्पताल जैसी जगह पर इस तरह की स्थिति न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। जमीन पर प्रसव कराए जाने का दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भी बेहद पीड़ादायक रहा। प्रसूता के पति ने जिला अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने ध्यान दिया होता, तो महिला को इस अमानवीय स्थिति से नहीं गुजरना पड़ता। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।