भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मध्य प्रदेश विधानसभा का आगामी बजट सत्र फरवरी 2026 में आयोजित किया जाएगा। विधानसभा सचिवालय ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। तय कार्यक्रम के अनुसार सत्र की शुरुआत 16 फरवरी 2026 से होगी और यह 6 मार्च 2026 तक चलेगा। इस दौरान कुल 12 बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस सत्र के दौरान राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट सदन में प्रस्तुत करेगी। बजट में प्रदेश के विकास से जुड़े अहम क्षेत्रों जैसे कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। बता दें कि पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में सरकार ने लगभग 4.21 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया था, ऐसे में इस बार भी कई बड़े और महत्वपूर्ण ऐलान हो सकते हैं। अधिसूचना के मुताबिक, सत्र के बीच कुछ दिनों का अवकाश रहेगा, लेकिन निर्धारित 12 कार्यदिवसों में बजट पर चर्चा, अनुदान मांगों पर बहस और महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार के लिए यह सत्र खास माना जा रहा है। बजट सत्र के दौरान विपक्ष सरकार की नीतियों और योजनाओं को लेकर सवाल उठा सकता है, वहीं बजट के बाद विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। विधानसभा सचिवालय में अशासकीय विधेयकों की सूचनाएं 4 फरवरी, 2026 तथा अशासकीय संकल्पों की सूचनाएं 5 फरवरी 2026 तक प्राप्त की जावेंगी। जबकि स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण, नियम 267- क के अधीन सूचनाएं विधानसभा में 10 फरवरी, 2026 से कार्यालय में पूर्वान्ह 11:00 बजे अपराह्न 4:00 तक प्राप्त की जावेंगी। बता दें यह मध्यप्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का यह नवम सत्र होगा।
खास होगा बजट सत्र:
इस सत्र का सबसे मुख्य आकर्षण वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट होगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार इस बार महिलाओं और युवाओं के लिए सौगातों का पिटारा खोल सकती है। विशेष रूप से ‘लाडली बहना योजना’ के लिए बजट में 20 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किए जाने की संभावना है, जो पिछले वर्ष के 18,669 करोड़ रुपये से काफी अधिक होगा। इसके अलावा, लखपत्ति दीदी योजना और युवाओं के स्वरोजगार से जुड़ी नई घोषणाएं भी बजट का हिस्सा हो सकती हैं।




