भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही सीएम प्रगति पोर्टल लॉन्च करने जा रही है। यह पोर्टल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे प्रगति पोर्टल की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि पोर्टल को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और इसे जल्द सार्वजनिक किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने सीएम हाउस में राष्ट्रीय परियोजनाओं पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से प्रदेश में 50 करोड़ से 500 करोड़ रुपए तक की बड़ी परियोजनाओं को वन, पर्यावरण सहित अन्य जरूरी अनुमतियां दिलाने के साथ-साथ उनकी नियमित निगरानी की जाएगी। इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति आएगी। सीएम ने बताया कि केंद्र के प्रगति पोर्टल को लेकर अब तक करीब 50 उच्चस्तरीय बैठकें हो चुकी हैं। मध्य प्रदेश की कुल 209 बड़ी परियोजनाएं इस पोर्टल पर दर्ज हैं, जिनमें से 108 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 101 परियोजनाओं पर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि प्रो-एक्टिव गवर्नेस और समयबद्ध क्रियान्वयन की सोच का यह एक प्रभावी उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव अनुराग जैन की भी सराहना करते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रगति पोर्टल की शुरुआत के समय से जुड़े रहे हैं और अब राज्य में भी इसी मॉडल को प्रभावी रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रगति पोर्टल जवाबदेही और सुशासन का सशक्त उदाहरण है, जिससे सरकारी कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव आया है। सीएम ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों के विकास को लेकर गंभीर है और वहां निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 20 वर्षों तक जीएसटी में छूट जैसी योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इंदौर- मनमाड़ रेल परियोजना जैसी कई योजनाओं की प्रगति प्रगति पोर्टल के माध्यम से सुनिश्चित हुई है। पोर्टल पर दर्ज मामलों का समय पर समाधान किया जा रहा है और अब तक 97 प्रतिशत कार्य तय समय में पूरे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि विकास के मामलों में केंद्र सरकार सभी राज्यों के साथ समान व्यवहार कर रही है। सीएम ने गोंदिया- जबलपुर रेल लाइन का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे अब बालाघाट, मंडला और नागपुर सीधे जुड़ेंगे और इटारसी जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 आज:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज भोपाल में ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026’ में एआई- सक्षम शासन और आर्थिक परिवर्तन के लिए मध्यप्रदेश के रणनीतिक रोडमैप को प्रस्तुत करेंगे। यह कांफ्रेंस एआई इनेबल्ड गवर्नेंस फॉर एन एम्पावर्ड भारत की थीम पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इंडिया एआई मिशन के सहयोग से आयोजित की जा रही है। इससे एआई आधारित शासन,तकनीक एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अकादमिक और उद्योग समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ प्रदेश सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश ‘इनोवेशन एक्सपो’ का शुभारंभ भी किया जाएगा, जिसमें इंडिया एआई पेवेलियन, मध्यप्रदेश पेवेलियन, स्टार्ट-अप शो-केस, हैकाथॉन एरिना और स्टार्ट-अप प्रतियोगिता शामिल होंगी। कांफ्रेंस में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अपर सचिव एवं सीईओ इंडिया एआई अभिषेक सिंह और आईआईटी इंदौर के निदेशक सुहास एस. जोशी संबोधित करेंगे।




