बांधवगढ़ में एक साल में हुई छह बाघों की मौत

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उमरिया (मध्य स्वर्णिम): देश-विदेश में बाघों के लिए मशहूर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बीते एक साल के दौरान बाघों की लगातार हो रही मौतों ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां बाघ देखने आते हैं, ऐसे में बाघों की मौत के ये मामले गंभीर सवाल खड़े करते हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उपक्षेत्रीय संचालक प्रकाश कुमार वर्मा ने उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर बताया कि वर्ष 2025 में अलग-अलग कारणों से कुल छह बाघों की मौत दर्ज की गई है। इनमें सबसे ज्यादा मौतें आपसी संघर्ष के कारण हुई हैं। जानकारी के मुताबिक, 8 जनवरी 2025 को करीब 2 साल की एक मादा बाघ की मौत आपसी संघर्ष में हुई। इसके बाद 6 फरवरी 2025 को एक बाघ की मौत विद्युत करंट की चपेट में आने से हो गई। यह घटना वन क्षेत्र के आसपास मानव गतिविधियों और अवैध बिजली तारों की ओर इशारा करती है। 23 फरवरी 2025 को लगभग 8 से 10 माह के एक बाघ शावक की मौत दर्ज की गई, जिसका कारण भी आपसी संघर्ष बताया गया। इसके बाद 19 सितंबर 2025 को 1 साल की एक मादा बाघ की मौत भी संघर्ष के चलते हुई। वहीं 3 अक्टूबर 2025 को एक बाघ मृत अवस्था में पाया गया, लेकिन इस मामले में मौत का कारण साफ नहीं हो सका और इसे अज्ञात कारण की श्रेणी में रखा गया। इसके अलावा 21 नवंबर 2025 को 1 साल के एक नर बाघ की मौत इंफेक्शन के कारण होने की पुष्टि हुई।