भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को कैबिनेट बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की मध्य प्रदेश स्पेसटेक नीति 2026 को मंजूरी दी है। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों और अनुकूल औद्योगिक वातावरण का उपयोग कर स्पेसटेक सेक्टर में निवेश, नवाचार और रोजगार को बढ़ावा देना है। प्रदेश में वर्तमान में 322 औद्योगिक पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, 31 गीगावाट से अधिक बिजली आपूर्ति क्षमता और उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थान उपलब्ध हैं। इन्हीं मजबूत आधारों को ध्यान में रखते हुए अंतरिक्ष-ग्रेड विनिर्माण और तकनीकी विकास की संभावनाओं को साकार करने के लिए यह नीति लागू की जा रही है। स्पेसटेक नीति 2026 के लागू होने से मध्यप्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र के रूप में उभर सकेगा। इसके तहत राज्य सरकार अंतरिक्ष उद्योग को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज, आधुनिक बुनियादी ढांचा और अनुसंधान सहायता उपलब्ध कराएगी। इससे निजी कंपनियों, स्टार्टअप्स और अनुसंधान संस्थानों को प्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। यह नीति उपग्रह निर्माण, भू-स्थानिक विश्लेषण और डाउनस्ट्रीम अनुप्रयोगों जैसे कृषि, आपदा प्रबंधन और शहरी नियोजन में नवाचार को बढ़ावा देगी। इससे न केवल तकनीकी विकास होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। नीति के अंतर्गत नवप्रवर्तन और अनुसंधान को मजबूत करने के लिए स्पेसटेक उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) और इन्क्यूबेशन नेटवर्क की स्थापना का प्रावधान किया गया है।




