नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): केंद्र सरकार ने पिछली बार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। इसके चलते जुलाई 2025 से लागू हुए डीए/डीआर की दर 58 पर पहुंच गई थी। अब पहली जनवरी 2026 से डीए/डीआर की दरों में बढ़ोतरी होनी है। फिलहाल अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) की रिपोर्ट, डीए की दरों में दो से तीन फीसदी की वृद्धि होने के संकेत दे रही है। जुलाई 2025 में सूचकांक 146.5 पर था तो नवंबर में 148.2 पर पहुंच गया है। अभी दिसंबर की रिपोर्ट आना बाकी है। दूसरी तरफ दिसंबर में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 1.33 प्रतिशत हो गई, जो नवंबर में 0.71 प्रतिशत थी। ऐसे में महंगाई भत्ते/महंगाई राहत की दर 60 के पार हो सकती है। बता दें कि मार्च 2025 में अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) 140.1 पर रहा था। अप्रैल में सूचकांक 140.6 रहा तो मई 2025 में 144.0 था।
महंगाई दर 1.44, प्रतिशत के स्तर पर:
रसोई के जरूरी सामानों, खासकर सब्जियों और प्रोटीन युक्त वस्तुओं के दामों में वृद्धि के चलते दिसंबर 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर तीन महीने के उच्च स्तर 1.33 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह नवंबर में 0.71 प्रतिशत थी, जो दिसंबर में बढ़कर 1.33 प्रतिशत हो गई। इससे पहले सितंबर में महंगाई दर 1.44 प्रतिशत के स्तर पर थी। अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू) से डीए व डीआर की दर 60 के आंकडे को पार करने का संकेत दे रही है। नवंबर के सूचकांक में भारत के औद्योगिक केंद्रों में महंगाई को बढ़ते हुए दर्शाया गया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के संबद्ध कार्यालय, श्रम ब्यूरो, देश के 88 औद्योगिक रूप से महत्वपूर्ण केंद्रों में फैले 317 बाजारों से एकत्रित खुदरा मूल्यों के आधार पर हर महीने औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) संकलित करता है।




