भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष-2026 को प्रदेश में कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। प्रदेश में विविध जलवायु जोन, पर्याप्त सिंचाई सुविधा, बेहतर रोड नेटवर्क उपलब्ध है। इसका लाभ लेकर किसानों की आय में वृद्धि और कृषि क्षेत्र में रोजगार सृजन के उद्देश्य आधारित गतिविधियां संचालित कर प्रदेश में समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश के लक्ष्य को साकार किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार आगामी कृषि वर्ष अंतर्गत कृषि और इससे जुड़े सहायक विषयों से संबंधित विभागों द्वारा तैयार की गई कार्य योजना की समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में समीक्षा के दौरान व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि वर्ष-2026 में आरंभ की जा रही सभी गतिविधियां तीन साल का लक्ष्य निर्धारित कर संचालित की जाएं। किसानों की आय में वृद्धि और रोजगार सृजन के लिए कृषि यंत्रीकरण, कृषकों के क्षमता विकास के लिए प्रशिक्षण और भ्रमण कार्यक्रम, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, उद्यानिकी विस्तार, एफपीओ निर्माण आधारित गतिविधियों को प्रमुखता दी जाए।
अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना से चंबल क्षेत्र के विकास को मिलेगी गति: सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्षेत्रीय विकास में सड़कों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अटल प्रोग्रेस- वे परियोजना से प्रदेश के चंबल क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। इस मार्ग से मुरैना, श्योपुर और भिंड जिले, राजस्थान से निकल रहे दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे और उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ हाईवे से जुड़ेंगे। इससे क्षेत्र की कोटा, मुंबई, कानपुर, लखनऊ, आगरा और दिल्ली से कनेक्टिविटी बढ़ेगी तथा यात्रा का समय कम होगा। परिणामस्वरूप क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार-व्यवसाय, पर्यटन और आवागमन को प्रोत्साहन मिलेगा। किसानों और क्षेत्रीय निवासियों की सहमति और संतुष्टि अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कर परियोजना को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना की मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेंच राष्ट्रीय उद्यान-कान्हा टाइगर रिजर्व-बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और पन्ना राष्ट्रीय उद्यान को जोडऩे वाले मार्ग को टाइगर टूरिज्म कॉरीडोर के रूप में विकसित किया जाए।
किसानों को कृषि में उन्नत राज्यों और देशों की यात्रा कराये:
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि तथा संबद्ध क्षेत्रों में अन्य राज्यों में हो रहे सफल नवाचारों की जानकारी से किसानों को रू-ब-रू कराया जाए। इसके साथ ही किसानों को कृषि में उन्नत राज्यों और इजराइल तथा ब्राजील जैसे कृषि के क्षेत्र में नवाचार करने वाले देशों की यात्रा कराये। समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए किसान कल्याण, सहकारिता, पशुपालन एवं डेयरी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास तथा सिंचाई विभाग परस्पर समन्वय से कार्य करें।
प्रदेश के सभी जिलों में फूलों की खेती को करे प्रोत्साहित:
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में होने वाले गुलाब महोत्सव को पुष्प महोत्सव के रूप में आयोजित किया जाए। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्पादित होने वाले अन्य फूलों को भी शामिल किया जाए तथा सभी जिलों में फूलों की खेती को प्रोत्साहित किया जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष-2028 का इंटरनेशनल रोज़ कॉम्पीटिशन भोपाल में होना प्रस्तावित है।




