भागीरथपुरा में डायरिया के साथ हैजा भी, दो मरीजों में पुष्टि

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इंदौर (मध्य स्वर्णिम): इंदौर के भागीरथपुरा में हैजे ने भी पैर पसारे हैं। डायरिया के अलावा हैजे के मरीज भी मिले हैं। दो मरीजों में इसकी पुष्टि हुई है, जिस वजह से मरीजों की संख्या बढ़ी है। कई मरीजों को हैजे के लिए दी जाने वाली दवा से ही राहत मिल रही है। अन्य मरीजों में भी हैजे की आशंका है, लेकिन सरकारी आंकड़ों में केवल दो ही मरीज शामिल किए गए हैं। बस्ती में जांच के लिए रविवार को नेशनल हेल्थ मिशन और कोलकाता की नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन बैक्टीरियल इन्फेक्शन की टीम पहुंचेगी और सैंपल लेकर जांच करेगी। शनिवार को बस्ती में मिले नए रोगियों में महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। पांच मरीजों को बस्ती से एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल भेजा गया। पंद्रह से ज्यादा नए मरीज भर्ती हुए हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग ने बस्ती में पांच हजार घरों का सर्वे किया है। 25 हजार 395 लोगों की जांच में हल्के लक्षण वाले 56 मरीज मिले हैं। फिलहाल बस्ती में 354 एक्टिव मरीज हैं, जिनमें से 149 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। बस्ती में डायरिया और हैजे के शिकार मरीज अलग- अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। 20 मरीजों की स्थिति गंभीर है, जिन्हें आईसीयू में रखा गया है। शनिवार को बस्ती में ‘रिंग सर्वे’ शुरू हुआ, जिसके तहत हॉटस्पॉट बनी गलियों में हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग की गई है। बस्ती में सात दिन बाद भी पेयजल सप्लाई नगर निगम सामान्य नहीं करवा पाया। अभी भी दूषित पानी की आशंका बनी हुई है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने भी रविवार को बस्तीवासियों से कहा कि वे टैंकरों का पानी उपयोग करे।

कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ता भिड़े, तीन थानों की पुलिस ने संभाली:
स्थिति इंदौर के भागीरथपुरा में कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए। कांग्रेस नेता दूषित पानी पीने से मृत हुए लोगों के परिजनों से बस्ती में आए थे। वहां भाजपा कार्यकर्ता बस्ती वालों के साथ मिलकर काले झंडे दिखाने लगे और वापस जाओ- वापस जाओ के नारे लगाने लगे।

इंदौर में ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए अब मिनरल वॉटर से बन रही चाय:

भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से पंद्रह लोगों की मौत होने के बाद अब वहां के रहवासी नल के पानी का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। हालांकि रोज सुबह नल आते हैं, लेकिन लोग पानी नहीं भरते। नगर निगम ने इसके विकल्प के तौर पर इलाके में टैंकर लगा रखे हैं। वहीं दूसरी ओर, बस्ती के चाय दुकानदारों की ग्राहकी भी इस संकट के कारण काफी कम हो गई थी।