भोपाल (मध्य स्वर्णिम): राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन अब नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। वर्ष 2026 की शुरुआत के साथ शहर को इलेक्ट्रिक बस सेवा की बड़ी सौगात मिलने वाली है। केंद्र सरकार की योजना के तहत स्वीकृत 100 ई-बसें शहर के पांच प्रमुख मागों पर संचालित की जाएंगी, जिससे प्रतिदिन 80 हजार से अधिक यात्रियों को लाभ मिलने की संभावना है। ई-बसों के संचालन, चार्जिंग और रखरखाव के लिए भोपाल नगर निगम द्वारा दो हाईटेक डिपो विकसित किए जा रहे हैं। कस्तूरबा नगर और संत हिरदाराम नगर में बन रहे इन डिपो पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इनमें विद्युत व्यवस्था, चार्जिंग स्टेशन, सर्विसिंग यूनिट और पार्किंग सहित सभी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। दोनों डिपो मिलकर 150 से अधिक बसों को खड़ा करने और मेंटेन करने में सक्षम होंगे। नगर निगम के अनुसार ई-बसों को पूरी तरह समावेशी बनाया जा रहा है। केंद्र शासन के दिशा-निर्देशों के तहत इनमें दिव्यांग यात्रियों के लिए व्हीलचेयर सुविधा और ऑटोमैटिक लिफ्ट लगाई जाएगी। महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बसों में रीयल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम, लाइव सीसीटीवी निगरानी, जीपीएस, पैनिक बटन, पैसेंजर काउंटर और डिजिटल सूचना प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीकें लगेंगी। शहर की बढ़ती आबादी और यात्री दबाव को देखते हुए ई-बस रूट ऐसे तय किए जा रहे हैं, जो घनी आबादी वाले क्षेत्रों के साथ सीमावर्ती इलाकों को भी कवर करेंगे। पांच प्रस्तावित रूट्स को जनसंख्या घनत्व और यातायात जरूरतों के आधार पर अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि अधिकतम नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके। भोपाल में सिटी बस संचालन की व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नादरा बस स्टैंड को शहर का पहला सिटी बस टर्मिनल बनाया जाएगा। वर्तमान में यहां से संचालित होने वाली अंतरजिला बसों को आरिफ नगर के नए बस स्टैंड से चलाया जाएगा। आरिफ नगर बस स्टैंड का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही नगर निगम इसे परिवहन विभाग को सौंपेगा।
बस स्टॉप्स को भी मिलेगा नया लुक:
ई-बस सेवा को सुचारू और सुविधाजनक बनाने के लिए नगर निगम पुराने बस स्टॉप्स का कायाकल्प कर रहा है, वहीं नए बस स्टॉप भी विकसित किए जा रहे हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए बैठने, सूचना बोर्ड और सुरक्षा से जुड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) के अनुसार डिपो निर्माण और अन्य तैयारियों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। लक्ष्य है कि मार्च 2026 से राजधानी की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाए। हरित ऊर्जा, सुरक्षित यात्रा और आधुनिक सुविधाओं के साथ ई-बसें भोपाल के सार्वजनिक परिवहन को नई पहचान देने जा रही हैं।
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