नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता उसकी एक्सपायरी डेट (मियाद खत्म होने की तारीख) के साथ ही खत्म नहीं हो जाती। मोटर वाहन कानून के तहत लाइसेंस की मियाद खत्म होने के बाद भी 30 दिनों की एक वैधानिक ग्रेस पीरियड मिलता है, जिसके दौरान लाइसेंस प्रभावी माना जाता है। इस अवधि में अगर कोई दुर्घटना होती है, तो बीमा कंपनी केवल इस आधार पर मुआवजा देने से इनकार नहीं कर सकती कि लाइसेंस एक्सपायर हो चुका था। यह मामला हरियाणा के जींद जिले में 4 जुलाई 2001 को हुई एक सड़क दुर्घटना से जुड़ा है। मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश दिया था और बीमा कंपनी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था। बीमा कंपनी को ड्राइवर से रकम वसूलने का अधिकार भी नहीं दिया गया था। बीमा कंपनी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए दलील दी कि ड्राइवर का लाइसेंस 4 जून 2001 को एक्सपायर हो गया था, जबकि दुर्घटना 4 जुलाई 2001 को हुई। लाइसेंस का नवीनीकरण बाद में 6 अगस्त 2001 को किया गया था, इसलिए कंपनी के अनुसार ड्राइवर वैध लाइसेंस के बिना वाहन चला रहा था। हाईकोर्ट ने बीमा कंपनी की अपील खारिज कर दी।




