नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर बाल दिवस के मौके पर भारत मंडपम में बच्चों को संबोधित किया। भारत मंडपम में हुए आयोजन से पहले प्रधानमंत्री ने इस वर्ष वीरता पुरस्कार से सम्मानित बच्चों के साथ संवाद भी किया। बच्चों के साथ मुलाकात करने की वीडियो भी सामने आया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, आज देश वीर बाल दिवस मना रहा है। अभी वंदे मातरम की सुंदर प्रस्तुति हुई। आज हम उन वीर साहिबजादों को याद कर रहे हैं, जो भारत का गौरव हैं। उन्होंने कहा, वीर साहिबजादे भारत के अदम्य साहस, शौर्य, वीरता की पराकाष्ठा हैं। वीर साहिबजादों ने उम्र और अवस्था की सीमाओं को तोड़ दिया। वे क्रूर मुगल सल्तनत के सामने चट्टान की तरह खड़े हो गए। इससे मजहबी कट्टरता और आतंक का वजूद ही हिल गया। उन्होंने कहा, वीर साहिबजादों को छोटी सी उम्र में उस समय की सबसे बड़ी सत्ता से टकराना पड़ा। वो लड़ाई भारत के मूल विचारों और मजहबी कट्टरता के बीच थी। वो लड़ाई सत्य बनाम असत्य के बीच थी। उस लड़ाई की एक ओर गुरु गोविंद सिंह जी थे, दूसरी ओर क्रूर औरंगजेब की हुकूमत थी। उन्होंने कहा कि हमारे साहिबजादे उस समय छोटे ही थे, लेकिन औरंगजेब की क्रूरता को इससे फर्क नहीं पड़ा। वो जानता था कि उसे अगर भारत के लोगों को डराकर उनका धर्मांतरण कराना है तो इसके लिए उसे हिंदुस्तानियों का मनोबल तोड़ना होगा। इसलिए उसने साहिबजादों को निशाना बनाया।
2022 से हुई वीर बाल दिवस मनाने की शुरुआत:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिखों के गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पुत्र साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के असाधारण साहस और सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने का एलान किया था। उन्होंने आज वीरता पुरस्कार से नवाजे गए बच्चों से मुलाकात के पहले एक्स हैंडल पर लिखा, वीर बाल दिवस श्रद्धा का दिन है, जो वीर साहिबजादों के बलिदान को याद करने के लिए समर्पित है। हम माता गुजरी जी की अटूट आस्था और श्री गुरु गोविंद सिंह जी की अमर शिक्षाओं को याद करते हैं। यह दिन साहस, दृढ़ विश्वास और सत्यनिष्ठा का प्रतीक है। उनका जीवन और आदर्श आने वाली पीढिय़ों को प्रेरित करते रहेंगे।




