परिवहन मंत्री जी, चेक पोस्ट पर बदस्तूर जारी है संगठित लूट

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सेंधवा चेकपोस्ट पर मध्य स्वर्णिम द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में कल पढ़िए लूट के कितने किरदार

निवाड़ी (मध्य स्वर्णिम): जिले के ओरछा-खजुराहो हाईवे पर उस वक्त तनावपूर्ण हालात बन गए, जब आरटीओ की चेकिंग को लेकर उद्योगपति, ट्रांसपोर्टर और वाहन चालक सड़कों पर उतर आए। आरोप है कि आरटीओ की टीम ने चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली की ‘वसूली चौकी’ स्थापित कर रखी है, जहां टोकन के नाम पर हजारों रुपए वसूले जा रहे हैं। मामला इतना बढ़ गया कि हाईवे पर जाम जैसे हालात बन गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी देखने को मिली। वाहन चालकों के आरोप हैं कि, सुबह करीब 6 बजे से ही ओरछा खजुराहो हाईवे पर आरटीओ की टीम चेकिंग शुरू कर देती है। नेशनल परमिट और सभी वैध दस्तावेज होने के बावजूद वाहनों को रोका जाता है। आरोप है कि आगे बढ़ने के लिए दो-दो हजार रुपए का टोकन दिया जा रहा है, जिसे एक महीने के लिए वैध बताया जा रहा है। चालक दावा कर रहे हैं कि ‘टोकन लो और गाड़ी आगे बढ़ाओ’ की व्यवस्था लंबे समय से चल रही है। फ्री जोन घोषित क्षेत्र होने के बावजूद इस तरह की वसूली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बॉर्डर पर भी ‘एंट्री शुल्क’ के नाम पर पैसे वसूलने के आरोप लगे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि सीमा पार करते ही उनसे एंट्री के नाम पर रकम मांगी जाती है। गोरखपुर से गिट्टी लेकर आए एक चालक ने बताया कि उससे भी दो हजार रुपए लेकर महीने भर की पावती थमा दी गई। मीडिया के मौके पर पहुंचने के दौरान 5 से 7 वाहन हाईवे पर खड़े मिले, जिनके चालक आरटीओ कर्मियों से तीखी बहस करते नजर आए लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद इलाके के उद्योगपति और व्यापारी भी सड़क पर उतर आए। उनका कहना है कि अवैध वसूली के कारण व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। कच्चे माल की सप्लाई और तैयार माल की ढुलाई बाधित हो रही है, जिससे उद्योग ठप होने की कगार पर हैं। उद्योगपतियों ने चेतावनी दी कि यदि यह वसूली तत्काल नहीं रुकी, तो क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो जाएंगी।

टोकन और एंट्री शुल्क पर चुप:
आरटीओ कर्मचारियों ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे केवल शासकीय कर्तव्य निभा रहे हैं और चेकिंग में बाधा डाली जा रही है। हालांकि, टोकन और एंट्री शुल्क को लेकर पूछे गए सवालों पर अधिकारी स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। ऐसे में सवाल यह उठता है कि फ्री जोन और नेशनल परमिट के बावजूद आखिर किस आधार पर यह वसूली की जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करता है।

मुख्यमंत्री की चेतावनी के बाद भी वसूली चालू:
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चेक पोस्ट पर अवैध वसूली को लेकर बार- बार चेतावनी जारी की। इसके बावजूद प्रदेश भर के चेक पोस्ट पर नियुक्त आरटीआई डंडाधारी गुंडों की दम पर हर दिन चौथ वसूली कर रहे हैं। बार बार मीडिया द्वारा खबर दिखाए जाने के बावजूद परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह की खामोशी,कहीं वसूलीबाजों को खुला संरक्षण तो नहीं है ?मध्य स्वर्णिम ने ग्राउंड जीरो पर जाकर सेंधवा चेक पोस्ट पर ढाई घंटे का स्टिंग ऑपरेशन किया है। कल के अंक में पढि़एगा,इस संगठित लूट के कितने किरदार ? और कौन -कौन भागीदार हैं ?