भोपाल (मध्य स्वर्णिम): विधानसभा के शीतकालीन सत्र में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान फसल नुकसान और राहत राशि को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कांग्रेस विधायकों सतीश सिकरवार और बाबू सिंह जंडेल के अलग-अलग प्रश्नों पर चर्चा हुई, जिसमें विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने खराब फसलों के बदले दिए गए मुआवजे को बेहद अपर्याप्त बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि श्योपुर जिले में एक किसान ने फसल नुकसान के कारण आत्महत्या कर ली, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में मात्र तीन किसानों का ही नुकसान दर्शाया गया है। सिकरवार ने दोबारा सर्वे कराने और फसल नुकसान से आत्महत्या करने वाले किसानों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की। इस पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने स्पष्ट किया कि जिन किसानों को 25 प्रतिशत से कम फसल नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा देने का कोई प्रावधान नहीं है।
मंत्री बोले 200 करोड़ का भुगतान:
राजस्व मंत्री ने कहा कि सभी किसानों को नुकसान की भरपाई की जा चुकी है करीब 200 करोड रुपए का भुगतान किया गया है। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि 5 हजार करोड़ का आकलन है, लेकिन अब तक सिर्फ 200 करोड रुपए की राशि डाली गई है ऊंट के मुंह में जरा है। पूरे प्रदेश में किसान परेशान है। सरकार आखिर आज की बात क्यों नहीं करती कांग्रेस के सरकार के समय की आंकड़े बता रही है। बहस लंबी होने पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा कि निर्धारित मापदंडों के अनुसार नुकसान नहीं होने पर मुआवजा नहीं दिया जाता।




