रायपुर: छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोंडागांव और अंबिकापुर में एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीमों ने छापेमारी की है। आबकारी और डीएमएफ से जुड़े मामलों की जांच आगे बढ़ाते हुए टीमों ने रविवार तडक़े करीब 20 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। रायपुर में लॉ-विस्टा कॉलोनी में कारोबारी और सप्लायर हरपाल अरोरा के निवास पर भी कार्रवाई हुई। दुर्ग जिले के भिलाई में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। जहां अधिकारी आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल कर रहे हैं। वहीं धमतरी की पूर्व विधायक जया बेन दोषी के पोते केतन दोषी के महालक्ष्मी ग्रीस स्थित घर में भी दबिश दी। केतन रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हैं। यहां करीब 4 घंटे तक जांच के बाद टीम कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गई। इसके अलावा सरगुजा में ईओडब्ल्यू-एसीबी की टीम ने पशु चिकित्सक डॉ. तनवीर अहमद और अंबिकापुर के सत्तीपारा निवासी सप्लायर अमित अग्रवाल के ठिकानों पर रेड की। छापेमारी में डॉ. अहमद के घर से 17 लाख कैश और करोड़ों की कीमत के जमीन के दस्तावेज मिले हैं। डॉ. तनवीर अहमद के घर कार्रवाई पूरी कर टीम वहां से लौट गई है, जबकि अमित अग्रवाल के ठिकाने पर जांच अभी भी जारी है। कोंडागांव में कारोबारी कोणार्क जैन के घर और अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। कोणार्क जैन वर्ष 2019-20 में डीएमएफ सप्लाई कार्यों से जुड़े रहे थे। टीम यहां दस्तावेजों और लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इस कार्रवाई पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा एसीबी-ईओडब्ल्यू डराने-धमकाने और पैसा वसूलने का काम कर रही है। लोगों को फर्जी तरीके से फंसाया जा रहा है। यह कार्रवाई भाजपा नेताओं के यहां नहीं होती, न ही उनके व्यापारियों के घर एक्शन होता है।




