जी 20 में पहली बार मेजबानी हैंडओवर नहीं हुई

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जोहान्सबर्ग: साउथ अफ्रीका में 20वां जी 20 समिट रविवार को बिना औपचारिक हैंडओवर के समाप्त हो गया। साउथ अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने किसी अमेरिकी अधिकारी को गवेल (अध्यक्षता का प्रतीक हथौड़ा) नहीं सौंपा। विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला ने कहा कि आज कोई औपचारिक हैंडओवर सेरेमनी नहीं होगी। अमेरिका चाहे तो सोमवार से DIRCO (दक्षिण अफ्रीकी के विदेश मंत्रालय) के दफ्तर से जी 20 से जुड़े दस्तावेज ले सकता है। इसके बाद व्हाइट हाउस की डिप्टी सेकेट्ररी अन्ना केली ने आरोप लगाया कि साउथ अफ्रीकी ने जी20 का औपचारिक हैंडओवर नहीं कर गलत किया है। दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला ने कहा कि अमेरिका G20 का सदस्य है, उसे समिट में अपनी मौजूदगी दिखानी चाहिए थी। यह एक लीडर्स समिट है, इसमें इसमें राष्ट्रपति या फिर कोई मंत्री शामिल होना चाहिए। DIRCO ने कहा कि अमेरिका के साथ उनका कोई राजनयिक विवाद नहीं है। लेकिन G20 जैसे मंच पर किसी जूनियर अधिकारी को भेजकर हैंडओवर नहीं किया जा सकता। यह कोई विवाद नहीं, बल्कि सम्मान का सवाल है। ट्रम्प ने कहा कि साउथ अफ्रीकी में गोरे ईसाइयों को मारा जा रहा है और उनकी जमीन छीनी जा रही है। इसके विरोध में उन्होंने शामिल होने से इनकार कर दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने जी 20 हैंडओवर के लिए एक राजदूत को भेजने की बात कही थी लेकिन साउथ अफ्रीकी राष्ट्रपति ने कहा था कि वे किसी जूनियर अधिकारी को गवेल देने की बजाए एक खाली कुर्सी को मेजबानी सौंप देंगे। दरअसल, हर जी 20 समिट में पिछले साल की मेजबानी करने वाला देश, अगले मेजबानी करने वाले देश को औपचारिक रूप से ‘गवेल’ सौंपता है। यह एक लाइव सेरेमनी होती है, जिसमें दोनों देशों के नेता आमने- सामने मौजूद रह्रते हैं। इस बार अमेरिका की तरफ से राष्ट्रपति ट्रम्प शामिल नहीं हुए।

मोदी बोले- एआई के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाना जरूरी:
पीएम मोदी ने जोहान्सबर्ग में हो रहे जी20 समिट के दौरान एआई के गलत इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि इससे दुनिया को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है, इसलिए सभी देशों को मिलकर इसके लिए मजबूत नियम-कानून बनाने चाहिए। मोदी ने कहा कि एआई पर एक ग्लोबल कॉम्पैक्ट (यानी अंतरराष्ट्रीय समझौता) होना जरूरी है। इसमें तीन चीजें सबसे जरूरी होंगी। निगरानी, सुरक्षा और पारदर्शिता । उन्होंने खास तौर पर चेतावनी दी कि डीपफेक वीडियो-ऑडियो, अपराध और आतंकवाद में एआईका इस्तेमाल बहुत खतरनाक है। मोदी ने कहा कि अगर अभी कदम नहीं उठाए गए, तो एआईका गलत इस्तेमाल समाज के लिए बड़ी समस्या बन सकता है। इसलिए समय रहते पूरी दुनिया को एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए।