टीकमगढ़ में करोड़ों की ठगी कर चिटफंड कंपनी फरार

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टीकमगढ़: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। जिले में संचालित पीवी इंडिया निधि लिमिटेड चिटफंड कंपनी सैकड़ों उपभोक्ताओं के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गई है। शहर के सिविल लाइन स्थित ऑफिस पर ताला लटका है और उपभोक्ता रोज चक्कर काट रहे हैं। अब ना तो कंपनी का कोई जिम्मेदार सामने आ रहा है और न ही प्रशासन उनकी सुन रहा है। उपभोक्ता लोकेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने साल 2022 में कंपनी में आरडी और एफडीआर योजनाओं में पैसा जमा किया था, लेकिन मैच्योरिटी के समय कंपनी ऑफिस बंद मिला। डायरेक्टर और मैनेजर शंकर यादव लगातार आश्वासन देते रहे की भुगतान होगा। हालांकि पांच महीने बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कंपनी ने पूरे बुंदेलखंड में शाखाएं खोलकर हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी की है। रिकॉर्ड के अनुसार, पीवी इंडिया निधि लिमिटेड का रजिस्ट्रेशन वर्ष 2019 में हुआ था। डायरेक्टर के रूप में पंकज यादव, रितु लोहार और शंकर यादव जुड़े थे। कंपनी ने ललितपुर सहित टीकमगढ़, निवाड़ी, दिगौड़ा, पृथ्वीपुर, जतारा और खरगापुर में शाखाएं खोलीं। उन्होंने कम समय में दोगुनी राशि देने का लालच देकर भारी भरकम कलेक्शन शुरू किया। टीकमगढ़ में वर्ष 2021 से सक्रिय इस कंपनी ने सूत्रों के अनुसार करीब 14 करोड़ रुपये जमा किए और फिर ऑफिस बंद कर फरार हो गई। इस ठगी के पीछे मास्टरमाइंड पंकज यादव को बताया जा रहा है। वह ललितपुर का निवासी है। उसकी पत्नी रितु लोहार और शंकर यादव पर भी उपभोक्ताओं को झांसे में लेकर जाल बिछाने के आरोप हैं। खास बात यह है कि शंकर यादव वर्तमान में टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत आलमपुर में रोजगार सहायक के पद पर तैनात है। आरोप है कि रोजगार सहायक की नौकरी के साथ-साथ वह बैंक में बैठकर लोगों से ठगी में शामिल रहा।