ग्रामीण जन-जीवन की बेहतरी ही संकल्प है : सौरभ बावरिया

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विशेष साक्षात्कार (मध्य स्वर्णिम टीम): भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री सौरभ बावरिया का छिंदवाड़ा जिले की राजनीति में जाना पहचाना नाम है। वे अपने पिता ताराचंद बावरिया के बताए मार्ग पर चलकर आज भाजपा में इस मुकाम तक पहुंचे हैं। वैसे तो सौरभ बावरिया ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2010 में छात्र राजनीति के माध्यम से की थी लेकिन उनके अंदर राजनीति से लोगों की सेवा करने का मार्ग प्रशस्त वर्ष 2003 में ही हो गया था जब पहली बार उनके पिता ताराचंद बावरिया परासिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। उसके बाद से ही सौरभ बावरिया परासिया विधानसभा के अलावा छिंदवाड़ा जिले की जनता के हर दुख-सुख के सारथी बनते गए। आज स्थिति यह है कि सौरभ बावरिया भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश के सभी शीर्ष नेताओं की आंख का तारा बने हुए हैं। आइए सौरभ बावरिया ने दैनिक मध्य स्वर्णिम के मुख्य कार्यालय भोपाल में हुए एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन, सांगठिक अनुभव के साथ ही सामाजिक दायित्वों के बारे में विस्तार बताया है, उसी के आई कुछ अंश इस प्रकार हैज

प्रश्नः आप राजनीति में कब से सक्रिय हैं और आपकी वैचारिक शुरुआत कैसे हुई ?
उत्तरः मेरी राजनीतिक यात्रा वर्ष 2010 में छात्र राजनीति के माध्यम से शुरू हुई थी, जहाँ मैंने जमीनी स्तर पर युवाओं के हक की लड़ाई लड़ी। इसके बाद, संगठन और राष्ट्रवाद की विचारधारा से प्रभावित होकर वर्ष 2014 से मैं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक निष्ठावान और डीम सक्रिय सदस्य के रूप में निरंतर कार्य कर रहा हूँ।

प्रश्नः संगठन में अब तक आपको किन-किन महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का अनुभव रहा है ?
उत्तरः भाजपा संगठन ने समय-समय पर मुझ पर भरोसा जताया है, जिसका निर्वहन मैंने पूरी निष्ठा से किया है। पूर्व में मुझे निम्नलिखित जिम्मेदारियाँ सौंपी गई थीं पूर्व प्रदेश संयोजकः कॉलेज आउटरीच कमेटी, मध्य प्रदेश (युवाओं को पार्टी की रीति-नीति से जोड़ना) पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्यः अनुसूचित जाति (अ.जा.) मोर्चा, मध्य प्रदेश पूर्व जिला प्रभारीः भोपाल जिला पूर्व प्रदेश संयोजकः युवा वाहिनी, अनुसूचित जाति मोर्चा, मध्य प्रदेश।

प्रश्नः वर्तमान में आप संगठन और समाज के स्तर पर किन पदों के माध्यम से नेतृत्व कर रहे हैं?
उत्तरः वर्तमान में पार्टी और समाज ने मुझे राजनीतिक और सामाजिक दोनों मोर्चों पर बड़ी जिम्मेदारियाँ दी हैं, जिन्हें मैं निभा रहा हैं- प्रदेश मंत्रीः अनुसूचित जाति (अ.जा.) मोर्चा, भाजपा, मध्य प्रदेश संभाग प्रभारी: जबलपुर संभाग (सांगठनिक विस्तार और मॉनिटरिंग का कार्य) राष्ट्रीय अध्यक्षः पासी महासंघ (राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक चेतना और समाज कल्याण का नेतृत्व)

प्रश्नः आपके राजनीति में आने का मुख्य उद्देश्य या प्रेरणा क्या रही ?
उत्तरः मेरे लिए राजनीति सत्ता या पद प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति (अंत्योदय) की सेवा का माध्यम है। विशेषकर अनुसूचित जाति, जनजाति और शोषित वर्ग के लोगों को उनका अधिकार दिलाना, युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और क्षेत्र का सर्वांगीण विकास करना ही मेरा एकमात्र लक्ष्य है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र से प्रेरित होकर मैं जनसेवा के इस पथ पर अग्रसर हूँ।

प्रश्नः राजनीति के साथ-साथ आपकी व्यावसायिक पृष्ठभूमि क्या है?
उत्तरः मैं आत्मनिर्भरता और पारदर्शी जीवन में विश्वास रखता हूँ। व्यावसायिक रूप से मैं मैरिज लॉन, पेट्रोल पंप, और एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (आयात-निर्यात) के व्यवसायों से जुड़ा हूँ। यह व्यवसाय मुझे समाज सेवा के लिए आर्थिक रूप से स्वतंत्र और संबल प्रदान करता है।

प्रश्नः यदि पार्टी आपको परासिया विधानसभा क्षेत्र से प्रतिनिधित्व का अवसर देती है, तो वहाँ विकास के लिए आपका क्या रोडमैप होगा ?
उत्तरः परासिया विधानसभा क्षेत्र का कायाकल्प और यहाँ की जनता की खुशहाली ही मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। यदि मुझे अवसर मिलता है, तो मैं निम्नलिखित क्षेत्रों पर युद्धस्तर पर काम करूँगा।

शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलावः
परासिया के स्थानीय युवाओं के लिए उच्च और तकनीकी शिक्षा (टेक्निकल एजुकेशन) के बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना, ताकि उन्हें बड़े शहरों का रुख न करना पड़े। रोजगार और कौशल विकास (स्किल डेवलेपमेंट): क्षेत्र में नए उद्योगों और नवाचारों (इनोवेशंस) को बढ़ावा देना। सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना। ग्रामीण अंचलों में सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाएँ: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों (फिक्स) की स्थिति को सुधारना, चौबीसों घंटे डॉक्टरों की उपलब्धता और बेहतर एम्बुलेंस व जीवन रक्षक दवाओं का इंतजाम करना ताकि किसी भी गरीब को इलाज के लिए भटकना न पड़े। आधुनिक नवाचार और युवा सशक्तीकरणः अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) बाहुल्य क्षेत्रों के युवाओं को आज की आधुनिक तकनीकों, डिजिटल साक्षरता और स्टार्टअप के माध्यम से नई दुनिया से रूबरू कराना और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना। बुनियादी ढाचाः परासिया के हर गांव तक पक्की सड़कें, शुद्ध पेयजल (नल-जल योजना) और किसानों के लिए सिंचाई के आधुनिक साधनों का विस्तार करना।