
खबर की खबर (मध्य स्वर्णिम): ऋषिकांत सिंह (रजत) परिहार (मो. 9425002527)
मध्यप्रदेश के चीफ सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत 1989 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को आखिरकार उनका बड़ा हुआ कार्यकाल पूरा होने के पहले नीति आयोग का सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) बना दिया गया है। जिसके विधिवत आदेश बुधवार शाम को केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्त समिति और स्थापना अधिकारी आईएएस मनीषा सक्सेना ने जारी किए है। अनुराग जैन का बतौर नीति आयोग के सीईओ का कार्यकाल दो वर्ष का रहेगा। वैसे मध्य स्वर्णिम ने अपने 21 मई 2026 के अंक में पहले ही बता दिया था कि मध्यप्रदेश के चीफ सेक्रेटरी अनुराग जैन को प्रधानमंत्री कार्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलेगी या फिर उन्हें नीति आयोग का सीईओ बनाया जायेगा। जो भले ही देरी से हुआ लेकिन सच साबित हुआ। अनुराग जैन पूर्व में प्रधानमंत्री कार्यालय में पदस्थ होकर पीएम की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को अमलिजामा पहनाने के साथ ही केंद्र में विभिन्न विभागों में नवाचार कर अपने काम का लोहा मनवा चुके हैं। अनुराग जैन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वसनीय अफसरों में गिना जाता है, वे पूर्व में प्रधानमंत्री से जुड़े हुए अति विशेष कार्यों को संपादित कर चुके है। इसलिए उन्हें नीति आयोग के सीईओ जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।

दिल्ली रवाना हुए अनुराग:
प्रदेश के निवर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने नीति आयोग के सीईओ के आदेश निकलने के कुछ ही घंटों के अंदर प्रदेश के मुख्य सचिव का दायित्व सीनियर आईएएस अशोक वर्णवाल को सौंप दिया है।माना जा रहा है कि अनुराग जैन आगामी एक – दो दिनों में ही नई दिल्ली जाकर दिए गए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभाल लेंगे।मध्य स्वर्णिम ने लगभग दो महीने पहले ही लिखा था कि प्रधानमंत्री कार्यालय अनुराग जैन को शक्तिशाली पद देने जा रहा है।
राजौरा या फिर कोई और…?
मध्यप्रदेश के नए मुख्य सचिव को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और ब्यूरोक्रेसी में हलचल तेज हो गई है। इस समय सभी की जुबान पर यह बात है कि 1990 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉक्टर राजेश कुमार राजौरा नए मुख सचिव होंगे या फिर कोई और…? साथ ही सबकी निगाहें मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव पर टिक गई है , अगर मोहन यादव की पसंद को प्रधानमंत्री सचिवालय में तवज्जों दिया गया तो फिर डॉक्टर राजेश राजौरा का मुख्य सचिव बनना लगभग तय है। वहीं प्रधानमंत्री सचिवालय को मध्यप्रदेश के ब्यूरोक्रेसी की कमान अपने हाथों में रखनी है तो फिर केंद्र से मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी की नियुक्ति होगी। जो सिंहस्थ- 2028 और विधानसभा चुनाव तक मुख्य सचिव बने रहेंगे। सूत्र बताते है कि मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की चीफ सेक्रेटरी के रूप में पहली पसंद डॉक्टर राजेश राजौरा पहले दिन से रही हैं, क्योंकि राजौरा के साथ स्वयं को ‘कम्फर्ट’ महसूस करते हैं। अब देखना है कि नए मुख्य सचिव के चयन को लेकर ‘ऊंट किस करवट’ बैठता है।




