नई दिल्ली/धार: भोजशाला- सरस्वती मंदिर विवाद मामले में अब सुप्रीम कोर्ट पांच अगस्त को अंतिम सुनवाई करेगा। इस दौरान मध्य प्रदेश सरकार को यह भी बताना होगा कि मुस्लिम पक्ष के लिए जुमे की नमाज का कौन सा वैकल्पिक स्थान तय किया गया है। फिलहाल कोर्ट ने भोजशाला परिसर में नमाज की अनुमति नहीं दी है, जबकि हिंदू पक्ष की नियमित पूजा पहले की तरह जारी रखने का निर्देश दिया है। इस बीच ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने नमाज के लिए भोजशाला से करीब दो किलोमीटर दूर मालीवाड़ा स्थित चालीस पीर परिसर को वैकल्पिक स्थल के रूप में चिन्हित किया है। हालांकि मुस्लिम समाज ने इस व्यवस्था को अस्वीकार करते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भावना के विपरीत बताया है और फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने का ऐलान किया है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को निर्देश दिया था कि मुस्लिम समुदाय के लिए शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज अदा करने हेतु भोजशाला परिसर से सटे या उसके निकट किसी खुले स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।




