अलनीनो से प्रभावित जिला घोषित रतलाम

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रतलाम (मध्य स्वर्णिम): जिले में खरीफ फसल की 98 प्रतिशत बोवनी हो चुकी है। मानसून के विलंब से आने से बोवनी भी लेट हुई है। भारत सरकार द्वारा रतलाम जिले को अलनीनो से प्रभावित जिलों में घोषित किया गया है। अलनीनो के कारण जिले में अल्पवर्षा व सूखा की स्थिति बनने की संभावना बनी हुई है। करीब एक सप्ताह से बारिश को ब्रेक लगा हुआ है। बादल छा रहे लेकिन बारिश नहीं हो रही है। फसलों को अब बारिश का इंतजार है। किसानों का कहना है कि पांच-सात दिन में बारिश नहीं हुई तो फसलें खराब होने लगेंगी। रतलाम जिले में इस साल कृषि विभाग द्वारा तीन लाख 37 हजार 348 हेक्टेयेर क्षेत्र में खरीफ फसल की बोवनी का लक्ष्य रखा गया है। अब तक जिले में तीन लाख 28 हजार 176 हेक्टेयर क्षेत्र में बोवनी की जा चुकी है। इस प्रकार जिले में 97.28 प्रतिशत बोवनी की जा चुकी है। जिले में इस साल मानसून सत्र में 16 जुलाई 2026 तक मात्र नौ इंच बारिश (228.38 मिलीमीटर) ही बारिश हुई है, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि तक करीब 16 इंच बारिश (405.75) मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। गौरतलब है कि जिले में 1 जून 15 जून के मध्य मानसून आ जाता है, लेकिन इस साल मानसून 27 जुलाई से आया।

सबसे ज्यादा सोयाबीन का रकबा:
रतलाम जिले में खरीफ फसल के दौरान सबसे ज्यादा किसान सोयाबीन की फसल लेते हैं, इस कारण सोयाबीन की बोवनी का रकबा सबसे ज्यादा दो लाख 81 हजार 533 हेक्टेयर क्षेत्र में रखा गया है। वहीं मक्का 27010, धान 50, ज्वार 250, उड़द 825, मूंग 235, अरहर 270, तिल 475, मूंगफली 1750 और कपास की फसल का लक्ष्य 14 हजार 950 हेक्टर क्षेत्र रखा गया है। खरीफ की करीब 98 प्रतिशत बोवनी की जा चुकी है और किसान फसलों की देख रेख करने के साथ अब बारिश आने का इंतजार कर रहे है।