नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के गगनयान और चंद्रयान-3 जैसे अत्यंत महत्वाकांक्षी और महत्वपूर्ण मिशनों से जुड़े वैज्ञानिकों के इस्तीफों ने अंतरिक्ष विभाग की चिंता काफी बढ़ा दी है। पिछले कुछ महीनों के भीतर 100 से अधिक वैज्ञानिकों द्वारा नौकरी छोडऩे के बाद, विभाग ने इस पलायन को रोकने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 14 जुलाई को जारी एक नए आंतरिक मेमोरेंडम के जरिए वैज्ञानिकों के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) और इस्तीफे के नियमों को पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इसरो अपने सबसे बड़े मिशनों को अंजाम देने में जुटा है। इस्तीफा देने वालों में कई बड़े और अहम प्रोजेक्ट्स से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं, जो इस समस्या की गंभीरता को और बढ़ा देता है। वीएसएससी से एलवीएम-3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विक्टर जोसेफ ने इस्तीफा दे दिया है। इसी तरह, यूआरएससी से स्पैडेक्स प्रोजेक्ट के डायरेक्टर ने भी नौकरी छोड़ दी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चंद्रयान-3 जैसे ऐतिहासिक मिशन का हिस्सा रहे आदित्य रालापल्ली ने भी इस्तीफा दिया है।




