भोपाल (मध्य स्वर्णिम): प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, राज्य में मानसून को ऊर्जा देने वाली मौसम प्रणालियां कमजोर पड़ने से बारिश का दौर थम सा गया है। हालांकि, किसानों और आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होने जा रहा है, जिससे जुलाई के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश भर में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने की जोरदार संभावना है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के किसी भी हिस्से में भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं की गई है । अगले दो से तीन दिन प्रदेश में बारिश को लेकर कोई बड़ा अपडेट या अलर्ट भी नहीं है। हालांकि 15 जून से मौसमी परिस्थितियां बदलेंगी और एक बार फिर जोरदार बारिश का सिस्टम बनने की संभावना है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में बारिश की गतिविधियां केवल पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ सीमित क्षेत्रों तक ही सिमटी रहीं। मऊगंज के हनुमना में 16 मिमी, नैगढ़ी में 4 मिमी, सीधी के सिहावल में 3 मिमी, गोपदबनास में 1.2 मिमी और अनूपपुर के बिजुरी में 1.1 मिमी पानी गिरा । वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम साफ रहा और कहीं भी उल्लेखनीय बारिश दर्ज नहीं की गई ।




