धार (मध्य स्वर्णिम): धार भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर अब सुनवाई शुरू होगी। याचिकाएं स्वीकार होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की तारीख 14 जुलाई तय की है। भोजशाला को हिंदू मंदिर घोषित करते हुए हाईकोर्ट ने वर्ष के 365 दिन वहां पूजा का अधिकार हिंदू पक्ष को दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले को तीन पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। अब सुप्रीम कोर्ट भोजशाला से जुड़ी तीनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेगा। भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने हिंदू मंदिर माना है। इस फैसले को मुस्लिम पक्ष ने चुनौती देते हुए विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की। यह याचिका हाईकोर्ट के फैसले के बाद आए पहले शुक्रवार से एक दिन पहले दायर की गई थी । पहले शहर काजी, फिर कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी और उसके बाद वक्फ बोर्ड की ओर से जिब्रान अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उधर, हिंदू पक्ष भी सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं को लेकर तैयारी कर रहा है। पहले ही भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की जा चुकी है, ताकि पक्ष को सुने बिना कोई स्थगन आदेश (स्टे) जारी न हो सके। कोर्ट में हिंदू पक्ष के वकील भी अपना पक्ष रखेंगे । आपको बता दें कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश सरकार ने धार भोजशाला को सरस्वती लोक के रूप में विकसित करने की घोषणा की है ।




