ट्रस्ट ने चंपत राय, अनिल मिश्रा को हटाया

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अयोध्या (मध्य स्वर्णिम): श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण और लंबी बैठक सोमवार को संपन्न हुई, जिसमें ट्रस्ट का लगभग पूरा कोरम मौजूद रहा। बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास सहित सभी प्रमुख सदस्य, निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास और ट्रस्ट के संविधान का प्रारूप तैयार करने वाले 99 वर्षीय वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन भी उपस्थित रहे । कुछ सदस्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर कोरम पूरा किया। बैठक के बाद ट्रस्ट ने कहा कि राम मंदिर निर्माण 500 वर्षों के लंबे संघर्ष, असंख्य बलिदानों और करोड़ों रामभक्तों की अगाध आस्था का प्रतिफल है। ऐसे में दानपात्रों से चढ़ावा चोरी होने का मामला पूरे समाज के लिए अत्यंत पीड़ादायक और शर्मनाक है। ट्रस्ट इस घटना से गहरा आहत है और उसका मानना है कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए । बैठक के दौरान ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफों पर विस्तृत चर्चा हुई । वरिष्ठ अधिवक्ता के. अधिवक्ता के. परासरन ने ट्रस्ट के संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि इस्तीफा दिए जाने के बाद वह स्वतः प्रभावी माना जाता है और ट्रस्ट के पास इसे अस्वीकार करने का कोई विकल्प नहीं है । इसके बाद दोनों के इस्तीफे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिए गए। हालांकि, ट्रस्ट ने चंपत राय द्वारा वर्षों तक राम मंदिर निर्माण में निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका की सराहना करते हुए उनके अमूल्य योगदान का सम्मान किया । चंपत राय के इस्तीफे के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने का दायित्व अंतरिम रूप से कृष्ण मोहन को सौंपा गया है।

पारदर्शी व्यवस्था के लिए बनेगी समिति, 22 जुलाई को अगली बैठक:
भविष्य में मंदिर की व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और त्रुटिरहित बनाने के लिए बैठक में एक छोटी समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को निर्धारित की गई है, जिसमें एसआईटी (स्ढ्ढञ्ज) की जांच रिपोर्ट की प्रगति की समीक्षा की जाएगी, नए न्यासियों की नियुक्ति पर विचार होगा और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। ट्रस्ट ने दोटूक शब्दों में कहा कि चोरी में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और एसआईटी निष्पक्ष जांच कर उन्हें कानून के तहत कठोर दंड दिलाएगी। इसके साथ ही ट्रस्ट ने चिंता जताई कि कुछ असामाजिक तत्व इस घटना की आड़ में देश भर में राम मंदिर और रामभक्तों की छवि को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, इसलिए समाज को ऐसी किसी भी तरह की अफवाहों और भ्रामक प्रचार से पूरी तरह सावधान रहना चाहिए।