अयोध्या (मध्य स्वर्णिम): राम मंदिर में चढ़ावा चोरी में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद अयोध्या कोतवाली में गुरुवार को एफआईआर के बाद पुलिस ने आठ आरोपितों को जेल भेज दिया । चढ़ावा चोरी में गिरफ्तार आठों आरोपितों को पुलिस ने आज कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया फैजाबाद कोर्ट में सभी की स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की कोर्ट में पेशी हुई । पुलिस ने अभी आरोपियों की रिमांड नहीं ली है। मोहर्रम के अवकाश के कारण इन आठों की स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेशी हुई। इन सभी की सोमवार को फिर कोर्ट में पेशी होगी और पुलिस कस्टडी डिमांड लेने का प्रयास करेगी। इस मामले में चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, सुभाल चंद्र श्रीवास्तव, करुणेश पांडेय, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला और रामशंकर मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है। मामले पर अयोध्या सीजेएम कोर्ट के प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर केसी वर्मा ने कहा, राममंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ाए पैसों, आभूषणों की चोरी की गई है। मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें सोमवार तक के लिए रिमांड पर भेजा गया है । उन्हें फिर सोमवार को कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। उन्हें अभी ज्यूडिशियल कस्टडी ( न्यायिक हिरासत) में भेजा गया है। आगे कहा, आरोपियों से अब तक कुल मिलाकर 79,85,493 बरामद किए गए हैं। आरोपियों में से केवल एक सुभाष से कुछ भी बरामद नहीं हुआ, हालांकि वह साजिश में शामिल था ।
चंपत राय, अनिल मिश्रा ने छोड़ा पद:
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपना पद छोड़ दिया है। अयोध्या में स्थित राम मंदिर में चढ़ावा विवाद के मामले में यह एक अहम घटनाक्रम है।चंपत राय के करीबी एक सूत्र ने बताया,जब ऐसे आरोप लग रहे हों तो पद से दूर रहना ही ठीक है। ऐसा निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। इस मामले में अब एफआईआर दर्ज हो चुकी है। यह बात सामने आई थी कि एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में बेहद सख्त सिफारिश की थी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा था कि इस मामले में जिन लोगों के पास कोई भी सबूत हों, उन्हें एसआईटी को सौंप दें और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।




