डॉ. मोहन यादव की कृषि भूमि में कोई वृद्धि नही

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): पिछले दिनों मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि उज्जैन क्षेत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और रिश्तेदारों के पास करीब 335 एकड़ का ‘लैंड बैंक’ है। कांग्रेस के मुताबिक मोहन यादव के परिवार के लोगों और रिश्तेदारों ने 2021 से 2025 के बीच लगभग 253 एकड़ जमीन खरीदी गई, जिनमें से करीब 168 एकड़ जमीन उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद खरीदी गई । कांग्रेस ने गांगेड़ी, नवाखेड़ा, सांवराखेड़ी और चंदेसरा जैसे गांवों का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उज्जैन – इंदौर रोड, उज्जैन- बदनावर रोड, पंचकोशी परिक्रमा मार्ग, उज्जैन – मक्सी रोड, उज्जैन-नागदा रोड, उज्जैन- देवास रोड और गरोठ ग्रीन फील्ड कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं की घोषणा के बाद आसपास जमीनों का बड़ा खेल हुआ। आरोपों के घेरे में मुख्यमंत्री के कई रिश्तेदारों के नाम भी लिए गए हैं। कांग्रेस का दावा है कि अलग- अलग नामों से जमीन खरीदने वालों में नंदलाल यादव, नारायण यादव, रेखा यादव, अभय यादव, गोविंद यादव, निलेश यादव और कलावती यादव शामिल हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री मोहन यादव के पक्ष और बीजेपी ने इन आरोपों का विस्तार से जवाब दिया है। मिली जानकारी के अनुसार मोहन यादव की कृषि भूमि में कोई वृद्धि नहीं हुई है। नवंबर 2023 में उनके स्वामित्व में 17.967 एकड़ कृषि भूमि थी, जो जून 2026 तक भी उतनी ही बनी हुई है । यह जानकारी पहले से चुनावी हलफनामे में घोषित बताई गई है. इसी तरह मुख्यमंत्री की पत्नी सीमा यादव की कृषि भूमि नवंबर 2023 में 12.287 एकड़ थी, जो जून 2026 में 12.292 एकड़ बताई गई । दावा किया गया कि यह जमीन वर्ष 2008 से 2019 के बीच खरीदी गई थी, यानी मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने से काफी पहले मुख्यमंत्री से जुड़ी कंपनी ‘सिद्धि विनायक देवकॉन प्राइवेट लिमिटेड’ को लेकर भी सफाई दी गई है । बताया गया कि यह कंपनी वर्ष 2008 में कृषि कार्यों के लिए बनाई गई थी और मोहन यादव, उनकी पत्नी सीमा यादव वर्ष 2017 में ही इसके डायरेक्टर पद से अलग हो चुके थे. मार्च 2026 में उन्होंने अपने सभी शेयर भी छोड़ दिए | कंपनी के पास नवंबर 2023 में 68.43 एकड़ जमीन थी, जो जून 2026 तक घटकर 65.69 एकड़ रह गई जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेटे वैभव यादव ने 2019 से मार्च 2023 के बीच ग्राम सांवराखेड़ी में 16.38 एकड़ कृषि भूमि खरीदी थी । यह खरीद भी मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने और उज्जैन मास्टर प्लान-2035 लागू होने से पहले हुई थी । वहीं वैभव यादव की पत्नी शालिनी यादव ने 2025 में ग्राम गांगेड़ी में 10 एकड़ कृषि भूमि खरीदी, जिसे मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर बताया गया है ।

वैभव की कंपनी के पास 65 एकड़ भूमि:
वर्तमान में वैभव यादव जिस कंपनी ‘सिद्धिविनायक देवकॉन प्राइवेट लिमिटेड’ में डायरेक्टर हैं, उसके पास उज्जैन में करीब 65 एकड़ जमीन बताई जा रही है।हालांकि उज्जैन के रियल एस्टेट कारोबारियों का कहना है कि महाकाल लोक के उद्घाटन के बाद से पूरे शहर में रियल एस्टेट कारोबार तेजी से बढ़ा है और सिर्फ स्थानीय ही नहीं बल्कि राज्य और देश के अन्य हिस्सों से भी निवेशक यहां जमीन खरीद रहे हैं।अब इस पूरे विवाद के केंद्र में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विकास परियोजनाओं से पहले हुई जमीन खरीद महज संयोग है, या फिर सत्ता और जमीन सौदों के बीच कोई सीधा संबंध है?

सीएमओ का स्पष्टीकरण:
उनका परिवार दशकों से रियल एस्टेट के कारोबार में है, और न तो उनकी ज़मीन- जायदाद और न ही उनकी खरीदी गई प्रॉपर्टी कोई नई या छिपी हुई बात है।ये सभी संपत्तियां उनके चुनावी हलफऩामे में बताई गई थीं। CMO ने यह भी साफ़ किया है कि रिपोर्ट में बताई गई हर प्रॉपर्टी पहले से ही पब्लिक रिकॉर्ड का हिस्सा है और इसे संपदा पोर्टल समेत सरकारी स्रोतों से वेरिफ़ाई किया जा सकता है।