तेल अवीव/वॉशिंगटन: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि लोग यह समझते हैं कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कहने पर काम करते हैं, लेकिन यह सच नहीं है । यरुशलम में आयोजित एक समिट में बोलते हुए नेतन्याहू ने कहा, अमेरिका में लोग कहते हैं कि राष्ट्रपति ट्रम्प वही करते हैं जो मैं उनसे कहता हूं। वहीं इजराइल में कुछ लोग सोचते हैं कि मैं वही करता हूं जो ट्रम्प चाहते हैं । लेकिन दोनों ही बातें गलत हैं । इजराइली पीएम ने कहा कि इजराइल और अमेरिका करीबी सहयोगी जरूर हैं, लेकिन दोनों देशों के अपने-अपने हित हैं और हर मुद्दे पर उनकी राय एक जैसी नहीं होती। नेतन्याहू ने दोहराया कि इजराइल, ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस पर कोई समझौता नहीं करेगी । उन्होंने यह भी कहा कि जब तक जरूरत महसूस होगी तब तक इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान में रहेगी । इस बीच स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत दूसरे दिन शुरू हो गया है। पहला दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के तीखे बयानों की वजह से तनावपूर्ण रहा था ।
ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत:
दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को स्विट्ज़रलैंड में करीब 80 मिनट तक बातचीत हुई। दोनों देश 60 दिन के युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलने की कोशिश कर रहे हैं । अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है । उनके मुताबिक, दोनों देश मिलकर शांति और समृद्धि को बढ़ावा दे सकते हैं और ट्रम्प अगले 10 साल में पश्चिम एशिया की तस्वीर बदलना चाहते हैं ।




