नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): दुनिया भर में भले ही कच्चे तेल (क्रूड की कीमतें कम हो रही हों। लेकिन, भारतीय ग्राहकों को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तुरंत कोई कमी देखने को नहीं मिलेगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट का असर पेट्रोल पंप तक पहुंचने में समय लगता है। मंत्री ने कहा कि जब दुनिया भर में कच्चा तेल सस्ता होता है तो ईंधन की कीमतें तुरंत कम नहीं की जा सकतीं। खुदरा कीमतों पर कई चीजें असर डालती हैं जैसे कि सस्ते कच्चे तेल की खेप को भारत पहुंचने में लगने वाला समय। गोपी ने कहा, इसमें समय लगेगा क्योंकि सस्ते कच्चे तेल को होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते भारत लाना होगा, जहां जहाजों की आवाजाही बहुत ज्यादा होती है। इसलिए चीजों को सामान्य होने में समय लगेगा। ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ग्राहकों पर प्रति लीटर सिर्फ 3.94 रुपये का असर पड़ा है। इस बात पर जोर दिया कि सिर्फ इसलिए बढ़ोतरी को तुरंत वापस नहीं लिया जा सकता क्योंकि दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें गिर गई हैं। गोपी ने कहा कि इस साल फरवरी में पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से तेल कंपनियों को भारी नुकसान हुआ है।
12000 करोड़ का उठाया बोझ:
मंत्री ने कहा, इस असर को खुद उठाकर केंद्र को 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। किसी भी राज्य ने ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों पर कम एक्साइज ड्यूटी लगाकर अपना राजस्व कम नहीं किया। केंद्र सरकार को चलना है और तेल कंपनियों को भी टिके रहना है।




