शाजापुर (मध्य स्वर्णिम): जिले के पोलायकलां तहसील क्षेत्र स्थित सेमलीधाम आश्रम में हाल ही में आयोजित वीआईपी कार्यक्रम के दौरान पीने के पानी की व्यवस्था में हुई गंभीर चूक ने एक बड़ा प्रशासनिक विवाद खड़ा कर दिया है । कार्यक्रम के दौरान वीआईपी और क्रू मेंबर्स को उपलब्ध कराए गए पानी के नमूने लैब जांच में फेल होने के बाद उज्जैन संभाग के आयुक्त आशीष सिंह ने शाजापुर के जिला आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही को कारण बताओ नोटिस ( शो- कॉज) जारी किया है । इस मामले में आबकारी अधिकारी ने सीधे जिले के कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस पूरी कार्रवाई को अपने खिलाफ एक प्रायोजित साजिश करार दिया है। यह पूरा मामला 30 अप्रैल 2026 को आयोजित वीआईपी भ्रमण कार्यक्रम से जुड़ा है। आदेशानुसार, जिला आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही को हेलीपैड व्यवस्था, क्रू मेंबर्स और वीआईपी के भोजन व पेयजल की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सैंपल जांच रिपोर्ट में अत्यधिक गंदलापन – मटमैला पाया गया। इस दौरान पानी की गुणवत्ता को लेकर भोपाल स्तर से आपत्ति ली गई। सैंपल जांच रिपोर्ट हाई टर्बिडिटी ( अत्यधिक गंदलापन- मटमैला ) पाई गई। 18 मई को संभागायुक्त ने नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा।




