भोपाल (मध्य स्वर्णिम): बैठक में सबसे बड़ा फैसला इंदौर मेट्रो रेल परियोजना को लेकर लिया गया । परियोजना की बढ़ी हुई लागत और अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकताओं को देखते हुए सरकार ने कुल 19 हजार 472 करोड़ 29 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की । इससे प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी शहरी परिवहन परियोजनाओं में शामिल इंदौर मेट्रो को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण सहित कुल 19,472 करोड़ 29 लाख रुपये का पुनरीक्षित बजट स्वीकृत किया गया । राज्य में विश्वस्तरीय सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने और परोपकारी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति 2026 लागू करने के प्रस्ताव पर मंत्रि-परिषद ने 5 सदस्यीय मंत्रि- मण्डल उप समिति का गठन किया है। समिति सभी संबंधित पहलुओं का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी। मंत्रि-परिषद ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आउटसोर्स मॉडल पर चलाने का पायलट प्रोजेक्ट भी मंजूर किया गया । वन्य प्राणी संरक्षण और संवेदनशील क्षेत्रों के 94 गांवों के विस्थापन व मुआवजे के लिए 16वें वित्त आयोग की अवधि 2026-2031 के तहत 2 हजार 381 करोड़ 15 लाख आवंटित किए हैं। सामाजिक और आर्थिक समावेशन को बढ़ावा देते हुए जनजातीय विद्यार्थियों की शैक्षणिक व आवासीय सुविधाओं के लिए 687 करोड़ और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से रेशम उत्पादन की विभिन्न योजनाओं के लिए 639 करोड़ 25 लाख की मंजूरी दी गई है। मंत्रि-परिषद द्वारा श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, औद्योगिक सुरक्षा और श्रमिक कल्याण योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए 531 करोड़ 78 लाख रुपये तथा स्थानीय निकायों के वित्तीय प्रबंधन व ऑडिट व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए स्थानीय निधि संपरीक्षा के संचालन के लिए 492 करोड़ 45 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह सभी निर्णय आगामी पांच वर्षों में मध्यप्रदेश के समग्र, समावेशी और सतत विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ी पहल है ।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम:
कैबिनेट ने प्रदेश में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मध्यप्रदेश (परोपकारी संस्थाओं के लिए) मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 के प्रस्ताव पर विचार करते हुए पांच सदस्यीय मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया है। यह समिति सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों की स्थापना, चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और गरीब मरीजों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से रीवा, देवास और गुना के चयनित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आउटसोर्स मॉडल पर संचालित करने की पायलट परियोजना को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण जनता को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी और जिला अस्पतालों पर दबाव कम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नीट राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। इसके लिए सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली जाएं। बेहतर प्रबंधन एवं कार्य कुशलता से पूरी पारदर्शिता के साथ यह परीक्षा सम्पन्न करायें। उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजन में किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की कमी या त्रुटि न रहे।




