सरकार का उद्देश्य खेती को लाभकारी बनाना और किसानों की आय में वृद्धि करना: शिवराज

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विदिशा (मध्य स्वर्णिम): केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सेतु का कार्य करते हैं। यहां किसानों को आधुनिक खेती, उन्नत बीज, नवीन कृषि तकनीकों, फसल संरक्षण, जैविक खेती तथा कृषि आधारित उद्यमों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य खेती को लाभकारी बनाना और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि करना है। केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान रविवार को मध्य प्रदेश विदिशा जिले के ग्राम बेरखेड़ी जैतू में कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विधिवत पूजन-अर्चन कर इस केन्द्र के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में कृषकगणो के अलावा अन्य मौजूद रहे। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र के स्थापित होने से विदिशा जिले के किसानों को वैज्ञानिक मार्गदर्शन स्थानीय स्तर पर प्राप्त होगा । इससे नई तकनीकों का तेजी से प्रसार होगा और किसान आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ा सकेंगे ।

खेत बचाओ अभियान: कम खाद, सही खाद, सही सलाह:
शिवराज सिंह ने राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ का विस्तार करते हुए विदिशा में किसानों से धरती माँ को बचाने की भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि बिना मिट्टी की जांच किए अंधाधुंध रासायनिक खाद और कीटनाशक डालने से धरती की उर्वरा शक्ति खत्म हो जाएगी, इसलिए हर किसान के खेत की मिट्टी की जांच और ‘सॉइल हेल्थ कार्ड’ अभियान तेज किया जाएगा।

विदिशा में किसानों की पाठशाला:
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम भीड़ जुटाने या भाषण देने के लिए नहीं, बल्कि किसानों की ट्रेनिंग के लिए हैं। यहाँ आए किसान किसी बस या गाड़ी से भरकर नहीं लाए गए, जो सीखना चाहता है वह अपने साधन से आया है, इसलिए मंचीय औपचारिकताओं की जगह सीधी क्लास होगी। यहाँ बैठे हर किसान को विद्यार्थी माना जाए, जिनके लिए वैज्ञानिक अपनी बात सीमित शब्दों में रखेंगे और फिर सीधे खेत में ले जाकर मशीनों और नई तकनीक का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां बनने वाला यह कृषि विज्ञान केंद्र 49 एकड़ जमीन पर देश का मॉडल होगा, जहाँ इसी खरीफ सीजन से प्रदर्शन प्लॉटों पर आधुनिक तरीके से खेती शुरू होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिल्डिंग का इंतजार किए बिना खेत पर काम तुरंत शुरू होगा।